इंदौर शहर के लोगों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर आई है। बायपास के सबसे व्यस्त माने जाने वाले रालामंडल जंक्शन पर बना फ्लायओवर आखिरकार अब आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। रविवार को इसका सफल ट्रायल किया गया, जिसके बाद प्रशासन ने इसे ट्रैफिक के लिए खोलने का फैसला किया।
रोज़ इस इलाके से गुजरने वाले लोग जानते हैं कि यहां जाम लगना आम बात थी। ऑफिस जाने वाले हों, स्कूल बसें हों या लंबी दूरी के यात्री सबको घंटों जाम में फंसना पड़ता था। अब रालामंडल फ्लायओवर शुरू होने के बाद यह परेशानी काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है।
ढाई साल के इंतजार के बाद मिली राहत
रालामंडल फ्लायओवर का निर्माण कार्य जनवरी 2023 में शुरू हुआ था। शुरुआत में उम्मीद थी कि यह जुलाई 2024 तक पूरा हो जाएगा, लेकिन अलग-अलग कारणों से काम में देरी होती गई। आखिरकार अब 2026 में यह फ्लायओवर ट्रैफिक के लिए तैयार हो चुका है।
इस दौरान आसपास के लोगों और रोज़ गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। निर्माण कार्य के कारण कई बार रास्ते बदले गए, धूल और ट्रैफिक डायवर्जन से लोगों की परेशानी बढ़ी। लेकिन अब जब फ्लायओवर तैयार है, तो लोगों को लग रहा है कि उनका इंतजार सफल रहा।
अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल के दौरान सभी तकनीकी जांच सफल रही है। हालांकि कुछ छोटे काम अभी बाकी हैं, जिन्हें ट्रैफिक चालू रहने के साथ पूरा किया जाएगा ताकि लोगों को दोबारा परेशानी न हो।
रालामंडल फ्लायओवर से ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव
रालामंडल जंक्शन इंदौर बायपास का बेहद व्यस्त हिस्सा माना जाता है। यहां से रोज़ एक लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। पहले सिग्नल और क्रॉस ट्रैफिक के कारण लंबी कतारें लग जाती थीं, जिससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते थे। अब रालामंडल फ्लायओवर शुरू होने के बाद ट्रैफिक ऊपर से सीधे निकलेगा, जिससे नीचे की सड़क पर दबाव कम होगा। इससे रोज़ाना लगने वाले जाम में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
खास बात यह है कि इस फ्लायओवर से तिल्लौर, तिंछा और आगे खंडवा रोड की तरफ जाने वाले वाहनों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। पहले जहां लोग घंटों फंसते थे, अब कुछ ही मिनटों में यह रास्ता पार कर सकेंगे। इससे सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है, क्योंकि जाम और जल्दबाजी कई बार दुर्घटनाओं की वजह बनती थी।
फ्लायओवर की खासियत
रालामंडल फ्लायओवर करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसकी लंबाई लगभग 800 मीटर है और इसे छह लेन का बनाया गया है, ताकि भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक का भी सामना किया जा सके।
इंजीनियरों का कहना है कि फ्लायओवर को आधुनिक तकनीक के साथ डिजाइन किया गया है, ताकि बारिश के मौसम में भी पानी भरने जैसी समस्या न हो। बारिश से पहले इसका शुरू होना भी शहर के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। यात्रियों के लिए यह भी राहत की बात है कि ट्रैफिक शुरू होने के बाद भी गुणवत्ता की जांच जारी रहेगी, ताकि आगे चलकर किसी तरह की परेशानी सामने न आए।





