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इंदौर में LIG चौराहे से नौलखा तक 6.5 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर 350 करोड़ रुपए में बनेगा, 15 फरवरी से फाउंडेशन कार्य शुरू होगा

Written by:Banshika Sharma
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इंदौर में एलआईजी चौराहे से नौलखा तक 6.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर 350 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि फिलहाल मिट्टी की जांच चल रही है और 15 फरवरी से फाउंडेशन का काम शुरू होगा।
इंदौर में LIG चौराहे से नौलखा तक 6.5 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर 350 करोड़ रुपए में बनेगा, 15 फरवरी से फाउंडेशन कार्य शुरू होगा

इंदौर शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना अब तेजी पकड़ने वाली है। शनिवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में इस परियोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में नगर निगम मेयर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के साथ इंदौर विकास प्राधिकरण और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

एलआईजी चौराहे से नौलखा तक लगभग 6.5 किलोमीटर की लंबाई में बनने वाले इस कॉरिडोर पर अब काम की शुरुआत हो चुकी है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने जानकारी देते हुए कहा कि इस समय प्रोजेक्ट स्थल पर सॉयल टेस्टिंग यानी मिट्टी की जांच का कार्य जारी है। यह परीक्षण परियोजना की नींव को मजबूती देने के लिए आवश्यक है।

15 फरवरी से शुरू होगा फाउंडेशन कार्य

लोक निर्माण विभाग द्वारा 15 फरवरी से एलिवेटेड कॉरिडोर के फाउंडेशन का काम शुरू किया जाएगा। मेयर ने बताया कि यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लगभग 350 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है। पिछले चार वर्षों से रुकी हुई इस परियोजना को अब पुरानी स्वीकृत डिजाइन के अनुसार ही आगे बढ़ाया जा रहा है।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था किसी भी सूरत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विभागों के बीच समन्वय पर जोर

मंत्री ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा ताकि परियोजना में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस दौरान अधिकारियों ने परियोजना से संबंधित तकनीकी पहलुओं और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की।

इंदौर के नागरिकों को इस एलिवेटेड कॉरिडोर से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शहर के प्रमुख मार्गों पर दिनभर भारी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। एलिवेटेड कॉरिडोर के बनने के बाद यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की संभावना है, जिससे आवागमन में तेजी आएगी और समय की बचत होगी।

चार साल बाद मिली रफ्तार

यह परियोजना पिछले चार वर्षों से विभिन्न कारणों से अटकी हुई थी। अब इसे पुरानी मंजूरशुदा डिजाइन के साथ पुनर्जीवित किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि एक बार फाउंडेशन का काम शुरू हो जाने के बाद परियोजना तेजी से आगे बढ़ेगी।

इंदौर में विकास कार्यों की यह समीक्षा बैठक शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। एलिवेटेड कॉरिडोर के अलावा अन्य विकास परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई और उनकी प्रगति की समीक्षा की गई।