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जब कांग्रेस नेता सदाशिव यादव को मिला उनकी ही शादी का निमंत्रण, पहुंचे पुलिस के पास, वजह आई सामने

Reported by:Shakil Ansari|Edited by:Atul Saxena
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कांग्रेस नेता के नाम से शादी का फर्जी निमंत्रण पत्र वायरल होने से हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर फैलाई गई इस फर्जी सूचना से नेता की छवि खराब करने की साजिश की आशंका जताई जा रही है।
जब कांग्रेस नेता सदाशिव यादव को मिला उनकी ही शादी का निमंत्रण, पहुंचे पुलिस के पास, वजह आई सामने

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने चौंका दिया है, दर असल कांग्रेस के एक नेताजी को कुछ लोगों ने उनकी ही शादी का कार्ड भेज दिया, ये कार्ड सोशल मीडिया पर भेजा गया, जब तक ये ई कार्ड नेताजी को मिलता तब तक हजारों लोगों के पास पहुंच चुका था जिसमें लिखा तह 24 फरवरी को नेताजी की शादी है इसमें लास्ट में एक लिंक भी दी गई थी, कार्ड मिलने के बाद नेताजी ने पुलिस में इसकी शिकायत की है।

इंदौर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष सदाशिव यादव इन दिनों उनके पास आये शादी के निमंत्रण से बहुत परेशान है, उनकी परेशानी की वजह लोगों के फोन कॉल है जो उनके पास आ रहे हैं और उन्हें नेताजी को कहना पड़ रहा है कि मेरी शादी नहीं हैं। उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की है और लोगों से अपील की है कि वे निमंत्रण के साथ दी गई लिंक को क्लिक ना करें।

 जब नेता को मिला उनकी ही शादी का निमंत्रण  

कांग्रेस नेता सदाशिव यादव ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए बताया कि 10 फरवरी को मेरे परिवार में शादी है जिसके कार्ड मैंने लोगों को दिए है लेकिन मेरे पास फोन आ रहे हैं कि 24 फरवरी को मेरी शादी है, मैं ये सुनकर चौंक गया, इसके बाद मैंने पुलिस में शिकायत की है कि किसी ने मेरे साथ साइबर फ्रॉड किया है।

सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता ने की अपील 

उन्होंने बताया कि जिनके फोन मेरे पास आ रहे हैं उनमें से कई लोगों ने बताया कि कार्ड के साथ दी गई लिंक खोलने पर पैसे कट गए मैंने उनसे निवेदन किया है कि वो कार्ड के साथ दी गई लिंक को क्लिक ना करें , इस बात को मैंने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया है।

पुलिस कर रही कार्ड भेजने वाले की सर्चिंग  

इधर कांग्रेस नेता के नाम से शादी का फर्जी निमंत्रण पत्र वायरल होने से हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर फैलाई गई इस फर्जी सूचना से नेता की छवि खराब करने की साजिश की आशंका जताई जा रही है। उधर शिकायत मिलने के बाद पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच में जुटी हुई है कि आखिर यह फर्जी कार्ड किसने और किस मकसद से वायरल किया।

 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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