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इंदौर का मेगा ग्रीन प्लान, 2.81 लाख पौधे, तालाब और चेकडैम से बढ़ेगा भूजल स्तर

Written by:Bhawna Choubey
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इंदौर में बढ़ते जल संकट और घटते भूजल स्तर को देखते हुए वन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। जंगलों में 2.81 लाख पौधे लगाए जाएंगे, नए तालाब और चेकडैम बनाए जाएंगे, जबकि पुराने जल स्रोतों को भी गहरा किया जाएगा। इस पहल का मकसद हरियाली बढ़ाने के साथ बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाना और वन्यजीवों के लिए सालभर पानी उपलब्ध कराना है।

इंदौर में पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। लगातार बढ़ते शहरीकरण, पेड़ों की कटाई और भूजल स्तर में गिरावट ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसी को देखते हुए इंदौर वनमंडल ने इस साल बड़े स्तर पर पौधारोपण और जल संरक्षण का संयुक्त अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। विभाग का लक्ष्य सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि ऐसे स्थायी इंतजाम करना है जिससे बारिश का पानी जमीन में समा सके और आने वाले वर्षों में पानी की समस्या कम हो।

वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि केवल हरियाली बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। यदि जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में पानी रोकने की व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो नए पौधों को बचाना भी चुनौती बन सकता है। यही वजह है कि इस बार पौधारोपण के साथ जल संरचनाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

 तालाब, चेकडैम और कंटूर से बढ़ेगा भूजल स्तर

इंदौर वनमंडल जून और जुलाई में शुरू होने वाले पौधारोपण अभियान के साथ कई जल संरक्षण कार्य भी करेगा। जंगलों में छोटे-छोटे तालाब, चेकडैम और कंटूर ट्रेंच जैसी संरचनाएं बनाई जाएंगी ताकि बारिश का पानी बहकर न जाए और अधिक से अधिक मात्रा में जमीन के अंदर पहुंच सके। यह योजना खासतौर पर इंदौर-चोरल, महू और मानपुर क्षेत्र के जंगलों में लागू की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भूजल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में पानी रोकने वाली संरचनाएं बेहद प्रभावी साबित हो सकती हैं। वन विभाग पुराने तालाबों का गहरीकरण भी करेगा ताकि उनमें ज्यादा पानी संग्रहित किया जा सके। इससे गर्मी के मौसम में वन्यजीवों को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज होने से स्थानीय जल स्रोतों को भी फायदा मिलेगा। यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन दोनों को एक साथ मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

पौधारोपण अभियान और नगर वन परियोजना से बढ़ेगी हरियाली

इस वर्ष इंदौर वनमंडल ने करीब 2 लाख 81 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। यह पौधारोपण 20 अलग-अलग वन क्षेत्रों में किया जाएगा। विभाग ने पिछले वर्ष लगाए गए पौधों की समीक्षा भी की है, जिसमें लगभग 20 से 22 प्रतिशत पौधे खराब पाए गए। ऐसे करीब 84 हजार पौधों को हटाकर उनकी जगह नए पौधे लगाए जाएंगे ताकि हरियाली का दायरा लगातार बढ़ता रहे।

इसके अलावा नगर वन परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। देवगुराडिया पहाड़ी पर पहले चरण के विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, जहां वॉकिंग ट्रैक, बटरफ्लाई गार्डन, प्राकृतिक पथ और बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं। अब दूसरे चरण में यहां 8 हजार नए पौधे लगाए जाएंगे। वहीं दतुनि पहाड़ी को नए नगर वन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां 24 हजार पौधे लगाने की योजना है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहरों में बढ़ती गर्मी, जल संकट और प्रदूषण को देखते हुए हरियाली बढ़ाना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। यदि पौधारोपण और जल संरक्षण की यह योजना सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में इंदौर का भूजल स्तर बेहतर हो सकता है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी बड़ी मदद मिलेगी।

Bhawna Choubey
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मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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