इंदौर की पहचान बन चुकी पारंपरिक रंगपंचमी गेर को इस साल और भी सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शनिवार को कलेक्टर शिवम वर्मा, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने गेर आयोजकों के साथ पूरे गेर मार्ग का पैदल दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने पूरे रास्ते में आने वाली बाधाओं, जैसे सड़क के गड्ढे, लटकते हुए बिजली के तार और केबल को तत्काल ठीक करने के निर्देश नगर निगम को दिए। पिछले साल हुई घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार कई नए और कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं।
ड्रोन और विशेष कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर
इस बार गेर की निगरानी के लिए हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। पूरे मार्ग पर विशेष कैमरों के साथ ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके।
“गेर हमारे इंदौर की शान है और इसका संचालन सुरक्षित तरीके से हो, यह हमारी प्राथमिकता है। हमने पूरे मार्ग का दौरा किया है ताकि पेचवर्क के काम और बाधक तार हट जाएं। गेर में शामिल होने वाली टीमों को एसओपी का पालन करना होगा, गाड़ियों का फिटनेस और ड्राइवरों की जांच अनिवार्य है।” — शिवम वर्मा, कलेक्टर
कलेक्टर ने यह भी साफ किया कि गेर के लिए लगाए जाने वाले मंचों का आकार निर्धारित मानकों के अनुसार होना चाहिए ताकि वे मार्ग में बाधा न बनें।
ड्राइवरों की ट्रेनिंग और गाड़ियों की मैकेनिकल टेस्टिंग
पुलिस प्रशासन इस बार ड्राइवरों और वाहनों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सभी ड्राइवरों की ट्रेनिंग कराई जाएगी और उनकी नशा जांच भी होगी।
“गेर संचालकों से हमारी अपेक्षाएं स्पष्ट हैं। उनके पास अपने वॉलेंटियर्स, माइक, अग्निशमन और फर्स्ट एड की व्यवस्था होनी चाहिए। गाड़ियों की मैकेनिकल टेस्टिंग हम खुद करवाएंगे। अगर कोई ड्राइवर नशे में पाया गया तो उसे गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं होगी, आयोजक को दूसरा ड्राइवर लाना होगा या गाड़ी गेर से बाहर हो जाएगी।” — संतोष कुमार सिंह, पुलिस कमिश्नर
इसके अलावा, पुलिस द्वारा क्षेत्र का सर्वे भी कराया जा रहा है और इलाके के बदमाशों पर नजर रखी जा रही है ताकि वे गेर के दौरान कोई उपद्रव न कर सकें।
गेर को हेरिटेज में दर्ज कराने का प्रयास
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस आयोजन को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में स्थापित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से लोग इस गेर में शामिल होने आते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
महापौर ने कहा, “हम चाहते हैं कि गेर सुरक्षित भाव से निकले और इसके बाद हम सफाई का भी एक नया रिकॉर्ड बनाएं। इस बार हम गेर को यूनेस्को की हेरिटेज सूची में दर्ज कराने के लिए फिर से आवेदन करेंगे। यह हमारी परंपरा तभी धरोहर के रूप में दर्ज होगी, जब हम इसे मिलकर और सुरक्षित बनाएंगे।” उन्होंने गेर मार्ग पर लटक रहे केबल और तारों को हटाने के काम में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।






