इंदौर के विजय नगर इलाके में सोमवार शाम एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। बैंक रिकवरी कार्रवाई के दौरान एक परिवार की जिंदगी पल भर में बदल गई। मकान सील करने पहुंची टीम के सामने घर के मुखिया ने बार-बार थोड़ा समय देने की गुहार लगाई, लेकिन जब उन्हें राहत नहीं मिली तो हालात अचानक बेकाबू हो गए।
कुछ ही मिनटों में घर के अंदर से गोली चलने की आवाज आई और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पड़ोसी, रिश्तेदार और आसपास के लोग समझ ही नहीं पाए कि कुछ देर पहले तक बातचीत कर रहा व्यक्ति इतना बड़ा कदम उठा लेगा। अब यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
विजय नगर में बैंक रिकवरी कार्रवाई के दौरान क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 51 वर्षीय हेमंत ब्रह्मवंशी के रूप में हुई है, जो एक कोऑपरेटिव बैंक में कर्मचारी थे। उन्होंने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से लोन लिया था, लेकिन किस्तें समय पर जमा नहीं हो पाने के कारण मामला कोर्ट तक पहुंच गया।
सोमवार शाम बैंक की रिकवरी टीम कोर्ट के आदेश के साथ विजय नगर स्थित उनके घर पहुंची। टीम का मकसद प्रॉपर्टी को सील करना था। टीम को देखते ही परिवार घबरा गया। हेमंत ने अधिकारियों और उनके वकील से विनती की कि उन्हें केवल एक दिन का समय दे दिया जाए ताकि वे भुगतान की व्यवस्था कर सकें।
लेकिन बैंक अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई रोकने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि इसी बात से हेमंत बेहद परेशान हो गए और घर के अंदर चले गए। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज आई, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाई नहीं जा सकी जान
गोली की आवाज सुनते ही पड़ोसी और बैंक टीम के लोग घर के अंदर पहुंचे। हेमंत को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के समय उनकी पत्नी और बेटा घर में ही मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना से परिवार सदमे में है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार शांत स्वभाव का था और कभी किसी विवाद में नहीं पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही विजय नगर पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने हथियार और अन्य सबूत जब्त कर लिए हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
पुलिस जांच में क्या सामने आ रहा है?
पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। परिवार के सदस्यों और बैंक टीम से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट के आदेश के तहत बैंक टीम कार्रवाई कर रही थी, लेकिन यह भी जांच का विषय है कि क्या मौके पर हालात को शांत करने की कोशिश की गई थी या नहीं।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि मृतक पर कितना कर्ज बकाया था और क्या भुगतान की कोई बातचीत चल रही थी। पुलिस यह भी समझने की कोशिश कर रही है कि घटना अचानक हुई या व्यक्ति पहले से मानसिक तनाव में था।
इलाके के लोगों का कहना है कि अगर थोड़ी मोहलत मिल जाती तो शायद यह हादसा टल सकता था। हालांकि बैंक नियमों और कोर्ट के आदेश के कारण टीम के पास ज्यादा विकल्प नहीं थे।





