इंदौर मेट्रो शहर के लोगों के लिए सिर्फ एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत बन चुकी है। सीमित दायरे में शुरू हुई मेट्रो सेवा को लेकर लोगों में उत्साह भी है और उम्मीदें भी। इसी बीच यात्रियों के लिए एक अहम सूचना सामने आई है।
इंदौर मेट्रो का यात्री संचालन 15 जनवरी से 25 जनवरी तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के बीच चल रही मेट्रो सेवाएं नहीं मिलेंगी। प्रशासन ने साफ किया है कि यह बंद तकनीकी काम, टेस्टिंग और सुरक्षा से जुड़े जरूरी कार्यों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।
क्यों 25 जनवरी तक बंद रहेगी इंदौर मेट्रो सेवा
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अनुसार, एलिवेटेड कॉरिडोर पर अभी कई तकनीकी कार्य बाकी हैं। इनमें सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक सेफ्टी, टेलीकम्युनिकेशन और ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम की टेस्टिंग शामिल है। इन्हीं कार्यों को बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि इस दौरान मेट्रो ट्रेन चलाना संभव नहीं होगा। अधिकारियों का कहना है कि अगर अभी यह काम पूरे नहीं किए गए, तो आगे चलकर यात्रियों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम में बड़ा बदलाव
इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम को लेकर हाल ही में बड़ा फैसला लिया गया है। पहले इस सिस्टम की जिम्मेदारी तुर्की की कंपनी असीस गार्ड को दी गई थी। लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और पाकिस्तान द्वारा तुर्की ड्रोन के इस्तेमाल के बाद इस ठेके को निरस्त कर दिया गया। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया। इसके बाद मेट्रो प्रोजेक्ट में देरी न हो, इसके लिए नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपना जरूरी हो गया।
दिल्ली मेट्रो को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
अब इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम का जिम्मा DMRC को सौंपा गया है। दिल्ली मेट्रो का देशभर में अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता इस फैसले की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। फिलहाल मेट्रो के सीमित संचालन के दौरान टिकट स्थानीय स्तर पर मैनुअल और कंप्यूटर आधारित सिस्टम से जारी किए जा रहे थे। लेकिन भविष्य में पूरी तरह ऑटोमैटिक टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे यात्रियों को स्मार्ट कार्ड और डिजिटल टिकट की सुविधा मिलेगी।
17 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर की तैयारी तेज
इंदौर मेट्रो का सपना सिर्फ 6 किलोमीटर तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर को फरवरी-मार्च 2026 तक व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कॉरिडोर में गांधी नगर से लेकर रेडिसन चौराहा तक कुल 16 स्टेशन शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों पर सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन, प्लेटफॉर्म सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम का काम तेजी से चल रहा है।
मार्च में रेडिसन चौराहे तक मेट्रो चलाने की योजना
इंदौर के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो मार्च 2026 में मेट्रो रेडिसन चौराहे तक शुरू हो सकती है। रेडिसन चौराहा शहर का एक प्रमुख और व्यस्त इलाका है, जहां मेट्रो पहुंचने से ट्रैफिक दबाव काफी हद तक कम होगा। यह विस्तार इंदौर मेट्रो के लिए एक बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है। इससे ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और आम यात्रियों को बड़ा फायदा मिलेगा।





