थाने में आरोपी की खातिरदारी पर गिरी गाज, दरोगा और 3 कॉन्स्टेबल सस्पेंड, TI को नोटिस

थाने में आरोपी की खातिरदारी पर गिरी गाज, दरोगा और 3 कॉन्स्टेबल सस्पेंड, TI को नोटिस

इंदौर। भाजपा विधायक की शिकायत पर पकड़ाए कथित एसपी को थाने में वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने पर पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद खातिरदारी करने वाले दारोगा और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही थानेदार को नोटिस जारी किया गया है।

दरअसल इंदौर के परदेशीपुरा थाने में शातिर ठग सुरेश उर्फ भेरिया भंवरलाल घांची का सिगरेट पीते हुए वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। विधायक आकाश विजयवर्गीय से फर्जी आईपीएस बन 10 लाख रुपए मांगने वाले सुरेश उर्फ भेरिया को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह राजस्थान के पाली का रहने वाला है। अपना परिचय इंदौर पूर्व के एसपी के रूप में दिया था। इसके ऊपर फर्जीवाड़ा के करीब 60 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

वीडियो के बाद खुलासा हुआ कि आरोपी को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। समय-समय पर चाय-नाश्ता मुहैया करवाया जा रहा था। जब मन तब इंटरनेट और मोबाइल चलाता था और खाने के बाद सिगरेट भी पीता था, यह सब थानेदार के सामने। सुरेश उर्फ भेरिया भंवरलाल घांची। मूलत: पाली (राजस्थान) निवासी भेरिया मजिस्ट्रेट, विधायक, एसपी बनकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, उप्र के 25 जिलों में लाखों रुपए ठग चुका है। उसे 13 जनवरी को क्राइम ब्रांच ने विधायक आकाश विजयवर्गीय की शिकायत पर पकड़ा था। वह एसपी (पूर्व) मोहम्मद यूसुफ कुरैशी बनकर 10 लाख रुपए मांग रहा था। इस वक्त भेरिया परदेशीपुरा थाने में पुलिस रिमांड पर है। लेकिन यहां उसे वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा था। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर थाने में सिगरेट पीता हुआ वायरल हुआ था।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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