इंदौर के एबी रोड पर स्थित सुयश अस्पताल में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया है। दरअसल दोपहर के समय अस्पताल का करीब 70 फीट ऊंचा छज्जा अचानक भरभराकर ढह गया, जिससे आसपास के पूरे इलाके में धूल और मलबे का गुबार छा गया। घटना के समय कुछ लोग नजदीक ही मौजूद थे और मलबे के गिरने की आवाज सुनकर दहशत में आ गए थे। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही है कि इतनी बड़ी संरचना के गिरने के बावजूद किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई है और न ही कोई जनहानि हुई है। यह छज्जा अस्पताल में चल रहे बड़े निर्माण कार्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिसका पतन सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।

दरअसल संयोगितागंज पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुयश अस्पताल परिसर में पिछले कुछ समय से निर्माण कार्य चल रहा है। ढहा हुआ छज्जा भी इसी नई संरचना का हिस्सा था, जिसे अस्पताल के पीछे की तरफ दीवार से सटाकर बनाया जा रहा था।

आसपास की चीजें भी चपेट में आ गई

जानकारी के अनुसार यह छज्जा काफी ऊंचा और वजनी था, जिसके गिरने से उसके आसपास की चीजें भी चपेट में आ गई हैं। छज्जे के गिरने से उसकी चपेट में पास के दो रिहायशी मकान आ गए हैं। वहीं इन मकानों के टीन शेड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे घर के अंदर का सामान भी धूल और मलबे से पट गया है। संपत्ति का यह नुकसान काफी बड़ा है और इससे प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत की जरूरत है। दरअसल घटना के तुरंत बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है। इस अप्रत्याशित हादसे से लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है, क्योंकि उनका मानना है कि यह सब अस्पताल प्रशासन और निर्माण करने वाली कंपनी की घोर लापरवाही का नतीजा है।

नाराज लोगों ने क्रेन के कांच फोड़ दिए

वहीं रहवासियों का कहना है कि कई बार उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा की कमी और बढ़ते खतरों को लेकर शिकायतें की थीं, लेकिन उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया था। इसके कारण यह हादसा हुआ है, जिससे उनकी जान भी जा सकती थी। नाराज लोगों ने मौके पर मौजूद निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही एक क्रेन के कांच फोड़ दिए हैं और जमकर हंगामा किया है। क्रेन में हुई तोड़फोड़ से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है, क्योंकि यह सीधे तौर पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला है और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया है।

पुलिस तत्काल भारी बल के साथ मौके पर पहुंची

दरअसल घटना की सूचना मिलते ही संयोगितागंज थाना पुलिस तत्काल भारी बल के साथ मौके पर पहुंची है। पुलिस बल ने सबसे पहले स्थिति को संभाला है और आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास किया है। पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि इस गंभीर मामले में पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद ही लोगों का गुस्सा कुछ हद तक शांत हुआ है और स्थिति कुछ नियंत्रण में आ सकी है। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र को सुरक्षित करने और आगे किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उपाय किए हैं।

इधर, जिन मकानों को इस हादसे में नुकसान पहुंचा है, उनके मालिक अस्पताल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए संयोगितागंज थाने पहुंचे हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में साफ तौर पर आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन और निर्माण एजेंसी ने सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन किया है, जिसका सीधा परिणाम यह हादसा है। मकान मालिकों ने अपनी संपत्ति को हुए लाखों रुपये के नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील की है। पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से दर्ज कर लिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है, ताकि जल्द से जल्द सच्चाई सामने आ सके।