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सिंहस्थ से पहले इंदौर-लक्ष्मीबाई नगर को मिलेगी बड़ी सौगात, तीसरा रेलवे ट्रैक होगा तैयार

Written by:Bhawna Choubey
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सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर की रेल व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। इंदौर से लक्ष्मीबाई नगर के बीच तीसरे रेलवे ट्रैक के निर्माण से न सिर्फ ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि लाखों यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
सिंहस्थ से पहले इंदौर-लक्ष्मीबाई नगर को मिलेगी बड़ी सौगात, तीसरा रेलवे ट्रैक होगा तैयार

मध्य प्रदेश का आर्थिक और व्यापारिक केंद्र कहे जाने वाले इंदौर शहर के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इंदौर की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने का काम तेज कर दिया है। इंदौर से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन के बीच अब डबल ट्रैक के साथ-साथ तीसरा रेलवे ट्रैक भी बनाया जाएगा, जिससे ट्रेनों की आवाजाही कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।

इस तीसरे ट्रैक के बनने से इंदौर आने-जाने वाली ट्रेनों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। अभी इंदौर से 57 जोड़ी ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में यह संख्या तेजी से बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा इंदौर के यात्रियों, व्यापारियों और सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा।

सिंहस्थ को देखते हुए रेलवे की बड़ी तैयारी

सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालु उज्जैन और इंदौर पहुंचते हैं। ऐसे में रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों की भीड़ को संभालने की होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इंदौर से लक्ष्मीबाई नगर के बीच तीसरा रेलवे ट्रैक बनाने का फैसला लिया है। इस प्रोजेक्ट को वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सिंहस्थ के दौरान जब ट्रेनों का दबाव बढ़ेगा, तब सिर्फ इंदौर रेलवे स्टेशन ही नहीं, बल्कि लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन भी ट्रेनों का लोड संभालेगा। इससे यात्रियों को प्लेटफार्म पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

इंदौर की रेल कनेक्टिविटी को क्यों माना जा रहा है अहम

इंदौर सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश का बिजनेस हब है। यहां से रोजाना हजारों लोग नौकरी, व्यापार, पढ़ाई और इलाज के लिए देश के अलग-अलग शहरों में आते-जाते हैं। मौजूदा समय में इंदौर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 70 हजार से ज्यादा लोगों की मूवमेंट हैं, जबकि यात्रियों और उनके परिजनों को मिलाकर रोजाना 70 हजार से ज्यादा लोगों की मूवमेंट होती है। ऐसे में रेलवे का लक्ष्य है कि अगले पांच साल में इंदौर से ट्रेनों और यात्रियों की संख्या को दोगुना किया जाए। तीसरा रेलवे ट्रैक इस दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है।

इंदौर रेलवे स्टेशन का री-डेवलपमेंट भी तेज

रेलवे सिर्फ ट्रैक ही नहीं, बल्कि इंदौर रेलवे स्टेशन की तस्वीर भी बदल रहा है। फिलहाल 467 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर स्टेशन का री-डेवलपमेंट किया जा रहा है। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके। इसके साथ ही तीन साल पहले जनप्रतिनिधियों की ओर से पार्क रोड स्टेशन के विस्तार का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को दिया गया था। माना जा रहा है कि दूसरे चरण में 500 करोड़ रुपये की लागत से पार्क रोड स्टेशन पर दो नए प्लेटफार्म भी बनाए जा सकते हैं। इससे भविष्य में बढ़ने वाले यात्री दबाव को संभालना आसान होगा।

शास्त्री रेलवे ओवरब्रिज भी बनेगा नया

इंदौर रेलवे स्टेशन के पास स्थित शास्त्री रेलवे ओवरब्रिज को भी जल्द तोड़ा जाएगा। इसकी जगह 100 करोड़ रुपये की लागत से नया और आधुनिक रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इस नए ओवरब्रिज को सिंहस्थ से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा ओवरब्रिज की भुजाएं रेलवे परिसर के भीतर आती हैं, जिससे तीसरे ट्रैक के निर्माण में दिक्कत हो रही है। नए ओवरब्रिज को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि उसकी चौड़ाई और ऊंचाई दोनों ज्यादा हों, ताकि भविष्य में किसी तरह की बाधा न आए।

लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन पर होगा बड़ा विस्तार

लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन को भी इंदौर के वैकल्पिक स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां फिलहाल तीन प्लेटफार्म, चार स्टेब्लिंग लाइन और एक शंटिंग नेक मौजूद है। रेलवे द्वारा स्टेशन के अपग्रेडेशन का काम तेजी से चल रहा है। नए साल तक स्टेशन बिल्डिंग का काम पूरा हो जाएगा, जबकि दो नए प्लेटफार्म मार्च 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही यहां 259 करोड़ रुपये की लागत से एक नया कोचिंग कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा, जिसमें पांच पिट लाइन, सात स्टेब्लिंग लाइन और सिक कोच लाइन शामिल होंगी। इससे रोजाना करीब 15 ट्रेनों का मेंटेनेंस लक्ष्मीबाई नगर में ही किया जा सकेगा।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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