हर साल नर्मदा जयंती के मौके पर ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग मां नर्मदा के दर्शन और स्नान के लिए यहां पहुंचते हैं। इसी भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही सख्त और स्पष्ट ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है।
19 जनवरी की सुबह 6 बजे से लेकर 25 जनवरी की रात 12 बजे तक खंडवा-इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही इस मार्ग से गुजरने की अनुमति होगी। प्रशासन का मकसद साफ है, श्रद्धालुओं की निर्बाध आवाजाही, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना।
क्यों जरूरी था खंडवा-इंदौर रूट पर प्रतिबंध
खंडवा-इंदौर मार्ग जिले का सबसे व्यस्त और संवेदनशील मार्ग माना जाता है। इस रास्ते से रोजाना भारी मालवाहक वाहन, बसें, कारें और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। नर्मदा जयंती के दौरान जब हजारों श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचते हैं, तब इस मार्ग पर ट्रैफिक दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के अनुसार, 25 जनवरी को नर्मदा जयंती के अवसर पर ज्योतिर्लिंग महाकाल और ओंकारेश्वर में दर्शन व नर्मदा स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में अगर भारी वाहनों का संचालन जारी रहता, तो जाम, दुर्घटना और अव्यवस्था की स्थिति बन सकती थी। इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यह अस्थायी लेकिन जरूरी फैसला लिया है।
बुरहानपुर से खंडवा आने वाले भारी वाहन
बुरहानपुर की ओर से खंडवा जिले में प्रवेश करने वाले भारी वाहन अब सीधे खंडवा-इंदौर मार्ग का उपयोग नहीं कर सकेंगे। ऐसे वाहन देशगांव, कसरावद, खरगोन, खलघाट, महू होते हुए इंदौर की ओर जाएंगे।
इंदौर से खंडवा-बुरहानपुर की ओर जाने वाले भारी वाहन
इंदौर से निकलने वाले भारी वाहन महू, खलघाट, कसरावद, खरगोन, भीकनगांव, देशगांव के रास्ते खंडवा और बुरहानपुर की ओर जा सकेंगे। इन वैकल्पिक रूट्स पर ट्रैफिक पुलिस की विशेष तैनाती रहेगी ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
आवश्यक सेवाओं के वाहनों को पूरी छूट
जहां एक ओर भारी मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि आम जनता की जरूरतों से जुड़े वाहनों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इन वाहनों को पूरी तरह छूट दी गई है दुग्ध आपूर्ति वाहन, नगर निगम और पुलिस के वाहन, पानी टैंकर, फायर ब्रिगेड
सेना के वाहन, बिजली कंपनी के कार्य में लगे वाहन, एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन वाहन, कृषि उपज मंडी में सब्जी और फल ले जाने वाले वाहन, यात्री बसें प्रशासन का कहना है कि आवश्यक सेवाएं किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी।





