मध्य प्रदेश: “राखी, दशहरा ,दिवाली सब निकल गए पर वेतन नहीं मिला” आशा ऊषा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, 17 तारीख को प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

मध्य प्रदेश में हजारों आशा और उषा कार्यकर्ताओं ने कई महीनों से वेतन और प्रोत्साहन राशि का भुगतान न होने पर कलेक्टर कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए 17 तारीख को राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
मध्य प्रदेश: “राखी, दशहरा ,दिवाली सब निकल गए पर वेतन नहीं मिला” आशा ऊषा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, 17 तारीख को प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

इंदौर: मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली हजारों आशा और उषा कार्यकर्ताओं ने तीन से चार महीने से वेतन न मिलने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी बकाया राशि और अन्य मांगों को लेकर उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के चौराहे पर जमकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे 17 तारीख को पूरे प्रदेश में 24 घंटे की हड़ताल करेंगी।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि राखी, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहार बिना वेतन के बीत गए, जिससे उन्हें अपने परिवार का गुजारा चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने विभाग पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।

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प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बताया कि विभाग ने कई बार हर महीने की 5 तारीख तक भुगतान करने के आदेश जारी किए, लेकिन इन आदेशों का जमीन पर कोई असर नहीं हुआ। संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि सरकार ने हमारी समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया, तो 17 तारीख को पूरे प्रदेश में 24 घंटे का विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।”

सरकारी कर्मचारी का दर्जा और पुराने वादे

आशा-उषा कार्यकर्ता लंबे समय से सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और वेतनमान में सुधार की मांग कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुराने वादों की भी याद दिलाई।

“मुख्यमंत्री ने चार हजार रुपए की वृद्धि और हर साल एक हजार रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा की थी, लेकिन यह आज तक लागू नहीं हुई। हम भी प्रदेश की बेटियां हैं, पर हमारे साथ ऐसा भेदभाव क्यों हो रहा है?” — प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता

प्रदेश में लगभग 84,000 आशा कार्यकर्ता हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

भुगतान में देरी पर विभाग के बहाने

आशा उषा कार्यकर्ता संघ की प्रदेश अध्यक्ष कविता सोलंकी ने बताया कि भुगतान में देरी को लेकर विभाग लगातार बहाने बना रहा है। पहले कहा गया कि भुगतान एक ऐप के माध्यम से होगा, फिर ऐप में ‘तकनीकी खराबी’ का हवाला दिया गया। बाद में यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार का हिस्सा तो दे दिया गया है, लेकिन केंद्र का वेतन रोक दिया गया है। अपनी बात रखते हुए कविता सोलंकी ने कहा कि

“हम पहले भी कई बार ज्ञापन दे चुके हैं। बावजूद इसके हमारी राखी, दशहरा दीपावली जैसे त्योहार बिना वेतन के ही निकल गए। हम जिस विभाग के लिए कार्य कर रहे हैं हमें उसे विभाग से पैसा चाहिए हमें राज्य और केंद्र से लेना देना नहीं है। हम केंद्र द्वारा दी गई 1500 रूपये की वेतन वृद्धि का भी अब तक इंतजार कर रहे हैं। हम लगातार स्पर्श एप अपडेट कर रहे हैं, बावजूद इसके राज्य के अन्य कर्मचारियों को वेतन मिल चुका है और हम अभी भी 4 माह से वेतन का इंतजार कर रहे हैं जिससे हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।”

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इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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