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महू को मिली बड़ी सौगात, वंदे भारत ट्रेन का प्रमुख मेंटेनेंस हब बनेगा शहर

Written by:Bhawna Choubey
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इंदौर से चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव की तैयारी तेज, महू रेलवे स्टेशन पर दो नई पिट लाइन और अत्याधुनिक शेड बनेंगे। 94.50 करोड़ की इस परियोजना से रोजगार बढ़ेगा और महू को रेलवे मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
महू को मिली बड़ी सौगात, वंदे भारत ट्रेन का प्रमुख मेंटेनेंस हब बनेगा शहर

मध्य प्रदेश के इंदौर-निमाड़ क्षेत्र के लिए रेलवे की ओर से एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात सामने आई है। महू रेलवे स्टेशन को अब वंदे भारत ट्रेन के मेंटेनेंस हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने 94 करोड़ 50 लाख रुपये की बड़ी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले से न केवल रेलवे की तकनीकी क्षमता मजबूत होगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।

पिछले कुछ वर्षों में वंदे भारत ट्रेन भारतीय रेलवे की पहचान बन चुकी है। तेज रफ्तार, आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षित यात्रा ने यात्रियों का भरोसा जीता है। ऐसे में इन ट्रेनों के बेहतर रखरखाव के लिए मजबूत मेंटेनेंस सिस्टम जरूरी है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए महू को वंदे भारत मेंटेनेंस हब बनाने का फैसला लिया गया है।

महू रेलवे स्टेशन पर क्या-क्या बनेगा?

दो नई पिट लाइन और आधुनिक शेड का निर्माण

रेलवे बोर्ड से मिली मंजूरी के अनुसार, महू रेलवे स्टेशन पर दो नई पिट लाइन बनाई जाएंगी। अभी यहां सिर्फ एक पिट लाइन मौजूद है, लेकिन नई स्वीकृति के बाद कुल तीन पिट लाइन हो जाएंगी। इसका मतलब यह है कि एक साथ कई वंदे भारत ट्रेनों की सर्विसिंग और जांच की जा सकेगी।

इसके साथ ही एक अत्याधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा, जहां वंदे भारत ट्रेन की साफ-सफाई, तकनीकी जांच और नियमित मेंटेनेंस किया जाएगा। इस शेड में आधुनिक मशीनें और नई तकनीक का इस्तेमाल होगा जिससे ट्रेनों की सुरक्षा और गुणवत्ता दोनों बेहतर होंगी। यह बदलाव महू स्टेशन की तस्वीर पूरी तरह बदल देगा और इसे एक आधुनिक रेलवे केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

94.50 करोड़ रुपये की परियोजना

इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 94 करोड़ 50 लाख रुपये रखी गई है। इसके लिए रक्षा संपदा विभाग से 3.48 एकड़ जमीन लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जैसे ही भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होगी निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। जमीन मिलने के बाद यह परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। रेलवे की कोशिश है कि आने वाले समय में इंदौर से संचालित होने वाली वंदे भारत ट्रेनों का पूरा मेंटेनेंस महू में ही किया जा सके।

वंदे भारत ट्रेन के लिए क्यों जरूरी है मेंटेनेंस हब?

वंदे भारत ट्रेन सामान्य ट्रेनों से काफी अलग होती है। इसकी रफ्तार ज्यादा होती है और इसमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इसका रखरखाव भी बेहद खास होता है। हर यात्रा से पहले और बाद में ट्रेन की तकनीकी जांच, ब्रेक सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और सफाई जरूरी होती है। अगर ट्रेन का मेंटेनेंस सही तरीके से हो तो यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलता है। महू में बनने वाला वंदे भारत मेंटेनेंस हब इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

पश्चिम रेलवे और रतलाम मंडल के लिए अहम परियोजना

महू स्टेशन पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के अंतर्गत आता है। इस मंडल के लिए यह परियोजना बेहद अहम मानी जा रही है। नई पिट लाइन और आधुनिक शेड बनने से रतलाम मंडल की तकनीकी क्षमता भी बढ़ेगी। रेलवे लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटा है। वंदे भारत ट्रेन के लिए अलग-अलग मेंटेनेंस हब बनाना इसी रणनीति का हिस्सा है। इससे ट्रेनों की समय पर सर्विसिंग होगी और संचालन में देरी की समस्या कम होगी।

इंदौर से वंदे भारत ट्रेन संचालन की तैयारी

रेलवे सूत्रों के अनुसार भविष्य में इंदौर से वंदे भारत ट्रेन के संचालन की योजना है। ऐसे में पास ही स्थित महू स्टेशन को मेंटेनेंस हब बनाना एक व्यावहारिक फैसला माना जा रहा है। इससे ट्रेनों को दूर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय की बचत होगी। इस फैसले से यात्रियों को ज्यादा भरोसेमंद सेवा मिलेगी। ट्रेन समय पर चलेगी, तकनीकी खराबी की संभावना कम होगी और सफर ज्यादा सुरक्षित बनेगा।