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ट्रंप ने ईरान को फिर दी भयानक हमले की धमकी, कहा- वेनेजुएला से भी बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेजा

Written by:Ankita Chourdia
Published:
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल ट्रुथ पर ईरान को एक नए और भयानक हमले की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि USS अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में एक विशाल नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है, जो वेनेजुएला भेजे गए बेड़े से भी बड़ा है। ईरान ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि वह किसी भी हमले का उचित जवाब देने के लिए तैयार है।
ट्रंप ने ईरान को फिर दी भयानक हमले की धमकी, कहा- वेनेजुएला से भी बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेजा

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (28 जनवरी, 2026) को ईरान को एक बड़े सैन्य हमले की सीधी धमकी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘सोशल ट्रुथ’ पर कहा कि एक विशाल नौसैनिक बेड़ा ईरान की तरफ भेजा गया है और अगर तेहरान ने जल्द ही परमाणु हथियार रहित एक निष्पक्ष समझौते पर सहमति नहीं जताई तो अगला हमला पहले से कहीं ज्यादा भयानक होगा।

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई का भी जिक्र किया और मौजूदा बेड़े को उससे भी बड़ा बताया। उन्होंने ईरान को बातचीत की मेज पर आने की नसीहत देते हुए कहा कि वक्त तेजी से निकल रहा है।

‘अगला हमला बहुत भयानक होगा’

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान को अतीत में हुए ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ की याद दिलाई, जिसमें ईरान को भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में लिखा कि अगला हमला उससे भी कहीं ज्यादा विनाशकारी होगा।

“ईरान की ओर जो विशाल बेड़ा बढ़ रहा है उसका नेतृत्व एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन कर रहा है। वेनेजुएला में की गई कार्रवाई की तरह यह बेड़ा जरूरत पड़ने पर तबाही के साथ अपने मिशन को पूरा करने में सक्षम है। उम्मीद है कि जल्द ही ईरान के साथ ऐसा समझौता होगा, जो सभी पक्षों के लिए अच्छा हो। वक्त तेजी से बीत रहा है… अगला हमला इससे कहीं ज्यादा भयानक होगा। ईरान दोबारा ऐसा न होने दे।” — डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वह ईरान के साथ एक ऐसा समझौता चाहते हैं, जो सभी के हित में हो और जिसमें परमाणु हथियारों के लिए कोई जगह न हो।

हमले का जवाब देने को तैयार: ईरान

अमेरिका की इस खुली धमकी पर ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि फिलहाल वाशिंगटन के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है, हालांकि संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। उन्होंने साफ किया कि बातचीत की किसी भी संभावना का यह मतलब नहीं है कि ईरान युद्ध के लिए तैयार नहीं है।

ईरानी मंत्री ने कहा, “अगर हम अमेरिका के साथ बातचीत के लिए बैठते भी हैं तो इसका मतलब ये नहीं कि हम युद्ध के लिए तैयार नहीं हैं। किसी भी सीमित अमेरिकी हमले का उचित जवाब दिया जाएगा। हमारी प्राथमिकता वाशिंगटन के साथ बातचीत नहीं, बल्कि अपने देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार रहना है।”

बढ़ते घरेलू दबाव के बीच तनाव

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद के अपने सबसे बड़े घरेलू विद्रोह का सामना कर रहा है। देश भर में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ट्रंप पहले भी कई बार धमकी दे चुके हैं कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग जारी रखा तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है।