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खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश में निखिल गुप्ता ने जुर्म कबूल किया, 40 साल जेल की सजा संभव

Written by:Ankita Chourdia
Published:
अमेरिका में खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। गुप्ता ने हत्या के लिए सुपारी देने की बात मानी है, जिसके बाद अब उसे अधिकतम 40 साल की जेल की सजा हो सकती है।
खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश में निखिल गुप्ता ने जुर्म कबूल किया, 40 साल जेल की सजा संभव

खालिस्तानी अलगाववादी और प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया। पहले खुद को निर्दोष बताने वाले 54 वर्षीय गुप्ता ने अब हत्या के लिए सुपारी देने सहित सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया है।

यह मामला 2023 का है, जब अमेरिकी अधिकारियों ने पन्नू की हत्या की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने का दावा किया था। न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने गुप्ता के जुर्म कबूल करने की पुष्टि की है। निखिल गुप्ता को जून 2024 में चेक गणराज्य से प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया था और तब से वह ब्रुकलिन की जेल में बंद है।

40 साल तक की हो सकती है कैद

निखिल गुप्ता ने मैनहैटन की फेडरल कोर्ट में जज के सामने यह माना कि उन्होंने गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के लिए एक व्यक्ति को 15 हजार डॉलर की अग्रिम राशि दी थी, जिसे वह एक सुपारी किलर समझ रहे थे। गुप्ता ने कुल तीन आरोपों में अपना दोष स्वीकार किया है: हत्या की सुपारी देना, हत्या की साजिश रचना, और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश। इन सभी मामलों में संयुक्त रूप से उसे अधिकतम 40 साल की जेल की सजा हो सकती है।

मामले की सुनवाई कर रहे जज विक्टर मारेरो 29 मई को निखिल गुप्ता की सजा का ऐलान करेंगे।

“निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची। उसे लगा कि वह बाहर बैठकर यहां किसी को मार सकता है और उसे कुछ नहीं होगा, लेकिन वह गलत था। अब उसे सजा मिलेगी।” — जे क्लेटन, अमेरिकी अटॉर्नी

कैसे रची गई थी पूरी साजिश?

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा दायर चार्जशीट के अनुसार, मई 2023 में “सीसी-1” नामक एक व्यक्ति ने गुप्ता से संपर्क किया था, जिसे बाद में भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) से जुड़ा पूर्व CRPF अधिकारी विकाश यादव बताया गया। अभियोजकों का आरोप है कि यादव ने ही गुप्ता को पन्नू की हत्या के लिए तैयार किया था। पन्नू अमेरिका और कनाडा का दोहरी नागरिक है और भारत सरकार का मुखर आलोचक रहा है।

जांच के मुताबिक, गुप्ता ने इस काम के लिए एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क साधा, जिसे वह अपना आपराधिक सहयोगी मानता था, लेकिन वह शख्स असल में अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) का गुप्त सूत्र था। इसी सूत्र ने गुप्ता की मुलाकात एक अंडरकवर अमेरिकी अधिकारी से कराई, जिसने खुद को सुपारी किलर के तौर पर पेश किया। यादव के कहने पर गुप्ता ने 1 लाख डॉलर में सौदा तय किया और जून 2023 में 15,000 डॉलर एडवांस के तौर पर दे दिए।

निज्जर हत्याकांड से भी जुड़े तार

अमेरिकी एजेंसियों ने इस साजिश को कनाडा में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से भी जोड़ा है। निज्जर की 18 जून, 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चार्जशीट में दावा किया गया है कि निज्जर की हत्या के कुछ घंटों बाद ही विकाश यादव ने गुप्ता को निज्जर के शव का एक वीडियो भेजा था।

इसके अगले दिन, 19 जून को गुप्ता ने कहा था कि निज्जर भी निशाने पर था और अब इंतजार करने की जरूरत नहीं है। 20 जून को यादव ने पन्नू से जुड़ी एक खबर भेजकर लिखा, “अब यह प्राथमिकता है।”

भारत सरकार का पक्ष

इस मामले के सामने आने के बाद भारत सरकार ने कहा था कि उसने अमेरिका से मिले इनपुट को गंभीरता से लिया है। नवंबर 2023 में एक उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया था। विदेश मंत्रालय ने पहले बताया था कि चार्जशीट में नामित व्यक्ति (विकाश यादव) अब भारत सरकार के साथ काम नहीं करता है। गृह मंत्रालय ने जनवरी 2025 में बताया कि समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और एक व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है, जिसके आपराधिक संबंध भी जांच में सामने आए हैं।

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