बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनावों के नतीजे लगभग स्पष्ट हो गए हैं, जिसमें तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड जीत हासिल की है। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BNP ने 300 संसदीय सीटों में से 209 पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही तारिक रहमान का अगला प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है।
चुनाव में मुख्य मुकाबला BNP के तारिक रहमान और जमात-ए-इस्लामी के शफीकुर्रहमान के बीच था, जिसमें तारिक रहमान ने बाजी मार ली। तारिक रहमान ने खुद दो सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर ही जीत हासिल की। वहीं, जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी दल केवल 57 सीटों पर सिमट गए। चुनाव आयोग द्वारा जल्द ही आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है।
अमेरिकी पर्यवेक्षक ने चुनाव को बताया ‘उत्सव जैसा’
इस चुनाव प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट (IRI) के चुनाव पर्यवेक्षक और पूर्व अमेरिकी सांसद डेविड ड्रेयर ने चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और उत्सव जैसा बताया। गुरुवार को ढाका के गुलशन इलाके में मतदान केंद्रों का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान माहौल व्यवस्थित और शांतिपूर्ण था।
“आज इस खूबसूरत देश के इतिहास में बहुत ही खास दिन है। यह बांग्लादेश की मेरी पहली यात्रा है और मैं यहां लोगों में उत्साह, खुशी और उत्सव जैसा माहौल देख रहा हूं।” — डेविड ड्रेयर, पूर्व अमेरिकी सांसद
ड्रेयर ने मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि केंद्रों पर लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और उनमें काफी उत्साह दिखा। उन्होंने कहा कि कोई बड़ी गड़बड़ी नजर नहीं आई।
छिटपुट हिंसा के बीच 47% से ज्यादा मतदान
देशभर के 36 हजार मतदान केंद्रों पर करीब 47.91% मतदान दर्ज किया गया। हालांकि, वोटिंग के दौरान कुछ इलाकों से झड़प की खबरें भी सामने आईं। बागेरहाट जिले के श्यामनखोला में हुई एक झड़प में जमात-ए-इस्लामी के 6 कार्यकर्ता घायल हो गए। इसके अलावा, एक दुखद घटना में BNP नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई।
इन घटनाओं के बावजूद, BNP के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने दावा किया कि देशभर में मतदान काफी हद तक निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस चुनाव में पहली बार संसदीय चुनाव के साथ जनमत संग्रह भी कराया गया और डाक पत्र से मतदान की व्यवस्था भी लागू की गई।
भारी जीत के बावजूद BNP ने किसी भी तरह की जश्न रैली नहीं निकालने का फैसला किया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।





