पाकिस्तान की अडियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर एक बेहद चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) बैरिस्टर सलमान सफदर ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि इमरान खान की दाहिनी आंख की 85% रोशनी जा चुकी है और उन्हें सिर्फ 15 प्रतिशत ही दिखाई दे रहा है। यह रिपोर्ट शहबाज सरकार और जेल प्रशासन के उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिनमें इमरान को सभी सुविधाएं दिए जाने की बात कही जाती रही है।
बैरिस्टर सलमान सफदर ने 10 फरवरी को इमरान खान से जेल में लगभग दो घंटे की मुलाकात के बाद यह 7 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है। रिपोर्ट में इमरान के स्वास्थ्य, कानूनी अधिकारों और जेल के हालात पर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
इलाज में लापरवाही से गई आंखों की रोशनी
रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2023 तक इमरान खान की दोनों आंखों की रोशनी पूरी तरह ठीक (6/6) थी। इसके बाद उन्हें धुंधलापन महसूस होने लगा, लेकिन जेल प्रशासन और सरकार ने समय पर सही इलाज मुहैया नहीं कराया। हालत बिगड़ने पर उन्हें 20 फरवरी को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को ‘राइट सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन’ के रूप में डायग्नोज किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इलाज में हुई देरी के कारण उनकी आंख को स्थायी नुकसान पहुंचा है।
एमिकस क्यूरी ने बताया कि मुलाकात के दौरान इमरान खान काफी परेशान थे और उनकी आंखों से लगातार पानी आ रहा था, जिसे वे बार-बार टिश्यू से पोंछ रहे थे। चिंता की बात यह भी है कि जेल प्रशासन के पास इमरान खान का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं है।
जेल में बदतर हालात और मानवाधिकारों का हनन
इमरान खान अक्टूबर 2023 से अडियाला जेल की एक छोटी सी सेल में अकेले बंद हैं। रिपोर्ट में जेल के अंदर के हालात का भी जिक्र किया गया है, जो काफी खराब हैं।
- छोटी सेल: इमरान को जिस सेल में रखा गया है वह सिर्फ 8 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा है। इसी में बिस्तर, एक टूटी-फूटी कुर्सी, टेबल और एक छोटा टॉयलेट है, जिसमें एग्जॉस्ट सिस्टम तक नहीं है।
- सुविधाओं का अभाव: सेल में कपड़े टांगने के लिए कोई अलमारी नहीं है, उन्हें हैंगर पर दीवार पर ही टांगना पड़ता है। गर्मियों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, क्योंकि सेल में फ्रिज नहीं है और कूलर व मच्छर भगाने की व्यवस्था भी अपर्याप्त है।
- स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछली गर्मियों में इमरान खान को 2-3 बार फूड पॉइजनिंग का भी सामना करना पड़ा था।
वकीलों और परिवार से भी मिलने पर पाबंदी
रिपोर्ट में इस बात पर गंभीर चिंता जताई गई है कि पिछले पांच महीनों से इमरान खान को अपनी कानूनी टीम से मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। इसे निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का सीधा उल्लंघन बताया गया है। इसके अलावा, उन्हें अपनी पत्नी बुशरा बीबी (जो उसी जेल में बंद हैं) से हफ्ते में सिर्फ एक बार 30 मिनट के लिए मिलने दिया जाता है। उनकी बहनों और अन्य रिश्तेदारों को मुलाकात की इजाजत नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में उन्हें ब्रिटेन में रह रहे अपने बेटों से सिर्फ दो बार फोन पर बात करने दी गई।
सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की सिफारिश
एमिकस क्यूरी सलमान सफदर ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है।
1. नेत्र चिकित्सकों की एक स्वतंत्र टीम का गठन कर इमरान खान की आंखों की तत्काल जांच कराई जाए।
2. इमरान के निजी डॉक्टरों, डॉ. फैसल सुल्तान और डॉ. आसिम यूसुफ को भी इलाज प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
3. कानून के दायरे में रहते हुए उन्हें अपने परिवार और वकीलों से नियमित रूप से मिलने की अनुमति दी जाए।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अपने पिता की इस हालत के लिए पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें और उनके भाई को पाकिस्तान का वीजा नहीं दिया जा रहा ताकि वे अपने पिता से मिल सकें।
We have been informed that my father, Imran Khan, has lost most of the vision in his right eye, with reports indicating only 15% eyesight remains. This is the direct consequence of 922 days of solitary confinement, medical neglect (denied blood tests) and the deliberate denial of…
— Kasim Khan (@Kasim_Khan_1999) February 12, 2026





