पाकिस्तान ने अपने ही लोगों पर गिराए बम, TTP पर करना चाहते थे हमला

रविवार को पाकिस्तान में एक बड़ी घटना हो गई। दरअसल, पाकिस्तान सेना ने अपने ही देशवासियों पर चीन के J-17 विमान से बम गिरा दिए, जिसमें लगभग 30 लोग मारे गए हैं। अब पाकिस्तान के मानव अधिकार आयोग ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा आम लोगों की रक्षा नहीं की जा रही है।
पाकिस्तान ने अपने ही लोगों पर गिराए बम, TTP पर करना चाहते थे हमला

रविवार रात 2:00 बजे पाकिस्तानी वायु सेना ने अपने ही देश के लोगों पर चीन के J-17 विमान से आठ लेजर गाइडेड बम गिराए, जिसमें लगभग 30 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई। इनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी वायु सेना ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तिराह घाटी के गांवों पर हमला किया था। सोशल मीडिया पर इस हमले से जुड़े कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, हालांकि उनकी पुष्टि नहीं की जा सकी।

वहीं, पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सामने में 24 लोग मारे गए हैं। पाकिस्तान सेना का कहना है कि इस हमले का मुख्य टारगेट तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का बम बनाने वाला ठिकाना मिटाना था। सीआईडी को यह जानकारी मिली थी कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के दो कमांडर अमान गुल और मसूद खान बम बनाकर मस्जिदों में छिपाने का काम कर रहे थे। इसके बाद पाकिस्तान की सेना ने उन्हें खत्म करने के लिए यह ऑपरेशन चलाया।

बिना किसी पुख्ता जानकारी के किए जा रहे हमले?

जबकि आम लोगों का पाकिस्तान सरकार और सेना पर बड़ा आरोप है। लोगों का कहना है कि बिना किसी पुख्ता जानकारी के किए जा रहे इस हमले में आम लोग मारे जा रहे हैं। इस हमले की निष्पक्ष जांच की मांग पाकिस्तान के मानव अधिकार आयोग द्वारा की गई है। HRCP ने कहा है कि हर नागरिक की जान की रक्षा करना सरकार का काम है, लेकिन पाकिस्तान सरकार इसमें नाकाम रही है। वहीं, एक रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान के जेट विमानों ने चार घरों पर हमले किए। इन हमलों में ये घर पूरी तरह से बर्बाद हो गए, जबकि सांसद मोहम्मद इकबाल खान अफरीदी ने कई लोगों के मारे जाने का दावा किया है।

तहरीक-ए-तालिबान का बेहद पुराना इतिहास

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का बेहद पुराना इतिहास रहा है। पाकिस्तान में लंबे समय से यह विद्रोही संगठन मौजूद है। जब अमेरिका ने 2001 में अफगानिस्तान पर हमला किया था, तो कई आतंकवादी पाकिस्तान के कबाइली इलाकों में छिप गए थे। इसके अलावा, 2007 में 13 विद्रोही गुटों को मिलाकर एक ग्रुप बनाया गया, जिसका नाम तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान रखा गया। जो भी पाकिस्तान सेना के विरोध में रहते थे, वे इस गुट में शामिल हो जाते थे। यह संगठन लंबे समय से सरकार और पाकिस्तान सेना से लड़ाई लड़ रहा है।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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