रूडी वैलेंटिनो का निधन, सबसे बुजुर्ग नर ओरंगुटान ने 45 की उम्र में ली अंतिम सांस

रूडी वैलेंटिनो का निधन, सबसे बुजुर्ग नर ओरंगुटान ने 45 की उम्र में ली अंतिम सांस

Male orangutan Rudi Valentino passed away : उत्तरी अमेरिका का सबसे बुजुर्ग नर ओरंगुटान रूडी वैलेंटिनो (Rudi Valentino) का निधन हो गया है। 45 साल के रूडी ने 21 दिसंबर 2022 को आखिरी सांस ली। दिसंबर के शुरुआत में ही उसका 45वां जन्मदिन मनाया गया था। कुछ समय पहले उसपर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई थी। ह्यूस्टन चिड़ियाघर की प्रवक्ता जेसिका रीस ने बताया कि वो पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा था।

जेसिका रीस ने कहा कि रूडी को दिल की बीमारी थी और इसके लिए उसे दवाइयां भी दी जा रही थी। मौत से पहले उसका व्यवहार सामान्य था। वो अपने बाड़े से बाहर आया और रोजमर्रा की तरह लोगों से संवाद भी किया। लेकिन चिड़ियाघर बंद करते समय कर्मचारियों ने देखा कि उसके शरीर में किसी प्रकार की हलचल नहीं है। बता दें कि रूडी का जन्म 8 दिसंबर 1977 को टेक्सास के ब्राउन्सविले स्थित ग्लैडीज पोर्टर चिड़ियाघर में हुआ था और वो फिलहाल अपनी 42 वर्षीय मादा केली के साथ रहता था। रूडी को ओरंगुटानों का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया था।

ओरंगुटान वानर प्रजाति का है और अब विलुप्ति की कगार पर है। फिलहाल एशिया में पाया जाने वाला अकेला वनमानुष है। ये महान वानरों का एकमात्र ऐसा समूह हैं जो अफ्रीका के बाहर रहते हैं। ओरंगुटान लाल रंग का विशायकाय वानर होता है। उनके रंग के कारण लाल वानर के रूप में भी जाना जाता है। इनकी लंबाई आमतौर पर 3.5 से लेकर 4.5 फीट तक होती है जबकि वजन 110 से 200 पाउंड के बीच होता है। ये मनुष्य के सबसे करीबी रिश्तेदारों में से एक हैं। इनके भी 32 दांत होते हैं और मादा ओरंगुटान 9 माह तक गर्भवती रहती है। ये काफी समझदार जानवर होते हैं और इंसानों के साथ रहते हुए उनसे हाव भाव के जरिए संवाद भी करने लगते हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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