नई दिल्ली: दुनिया भर में 24 अक्टूबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन इस वर्ष विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह संगठन अपनी स्थापना के 80 साल पूरे कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र दिवस उस ऐतिहासिक दिन का प्रतीक है जब 1945 में यूएन चार्टर लागू हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना है।
यह दिन विश्व स्तर पर शांति, ह्यूमन राइट्स और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देने के संकल्प को दोहराने का अवसर प्रदान करता है। 80वीं वर्षगांठ पर संगठन अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की वैश्विक चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र का इतिहास और स्थापना
संयुक्त राष्ट्र की नींव दूसरे विश्व युद्ध के बाद रखी गई थी। इसका उद्देश्य भविष्य के युद्धों को रोकना और राष्ट्रों के बीच संवाद और शांति स्थापित करना था। 26 जून 1945 को, 50 देशों के प्रतिनिधियों ने सैन फ्रांसिस्को में संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें सिक्योरिटी काउंसिल के पांच स्थायी सदस्य भी शामिल थे। यह चार्टर 24 अक्टूबर 1945 को प्रभावी हुआ, और तभी से इस दिन को संयुक्त राष्ट्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
80वीं वर्षगांठ का महत्व
साल 2025 में संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ केवल एक मील का पत्थर नहीं, बल्कि आत्म निरीक्षण का एक मौका भी है। इन आठ दशकों में संगठन ने दुनिया भर में पीस कीपिंग मिशन, ह्यूमन ऐड और सतत विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस वर्ष का उत्सव यूएन चार्टर के मूल सिद्धांतों को फिर से स्थापित करने पर केंद्रित है।
भविष्य की दिशा: नई पहलें
वर्तमान वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने कई नई पहलें शुरू की हैं। ‘एजेंडा 2030‘, ‘पैक्ट फॉर द फ्यूचर‘ और ‘यूएन80‘ जैसी योजनाएं अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नींव को मजबूत करने के लिए डिजाइन की गई हैं। इन पहलों का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि संगठन दुनिया भर के लोगों की जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सके।
महासचिव का संदेश
इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने वैश्विक एकता का आह्वान किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा:
“80 वर्षों से संयुक्त राष्ट्र ने शांति स्थापित करने, गरीबी और भुखमरी से निपटने, मानवाधिकारों को आगे बढ़ाने और एक अधिक टिकाऊ दुनिया बनाने के लिए काम किया है। अब, पहले से कहीं ज्यादा, दुनिया को उन समस्याओं को हल करने के लिए फिर से प्रतिबद्ध होना चाहिए जिन्हें कोई भी राष्ट्र अकेले हल नहीं कर सकता। इस संयुक्त राष्ट्र दिवस पर, आइए हम सब एक साथ खड़े हों और मिलकर काम करें।” — एंतोनियो गुतारेस
गुतारेस का यह संदेश स्पष्ट करता है कि जलवायु परिवर्तन, संघर्ष और असमानता जैसी समस्याओं का समाधान केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
For 80 years, the @UN has worked to forge peace, tackle poverty & hunger, advance human rights & build a more sustainable world,.
Now, more than ever, the world must recommit to solving problems no nation can solve alone.
On this #UNDay, let’s stand together & act as one. pic.twitter.com/jom1wycSTn
— António Guterres (@antonioguterres) October 24, 2025






