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डोनाल्ड ट्रंप को झटका, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने वैश्विक टैरिफ पर फैसला टाला, 20 फरवरी को अगली सुनवाई संभव

Written by:Banshika Sharma
Published:
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वैश्विक टैरिफ नीति की वैधता पर अपना फैसला एक बार फिर टाल दिया है। अदालत के चार सप्ताह के अवकाश पर जाने के कारण अब इस बहुप्रतीक्षित मामले पर 20 फरवरी को फैसला आने की उम्मीद है।
डोनाल्ड ट्रंप को झटका, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने वैश्विक टैरिफ पर फैसला टाला, 20 फरवरी को अगली सुनवाई संभव

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रमुख आर्थिक नीति से जुड़े वैश्विक टैरिफ पर अपना फैसला टाल दिया है। अदालत ने इस मामले पर सुनवाई की अगली तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार, चार सप्ताह के अवकाश के बाद 20 फरवरी को इस पर निर्णय आ सकता है।

यह लगातार दूसरी बार है जब अदालत ने ट्रंप की टैरिफ नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस देरी का मतलब है कि ट्रंप की आर्थिक नीति पर मंडरा रहा कानूनी संकट कम से कम एक महीने के लिए और बढ़ गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, अदालत ने मंगलवार को तीन अन्य मामलों में फैसले सुनाए, लेकिन टैरिफ के मुद्दे को छोड़ दिया।

ट्रंप के लिए क्यों बड़ा झटका है यह फैसला?

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि इस मामले में फैसला ट्रंप के खिलाफ आता है, तो यह व्हाइट हाउस में उनकी वापसी के बाद सबसे बड़ी कानूनी हार होगी। यह न केवल उनकी व्यापार नीति के लिए एक बड़ा झटका होगा, बल्कि इसके गंभीर वित्तीय परिणाम भी हो सकते हैं।

फैसला खिलाफ आने पर सरकार को रिफंड के तौर पर 130 बिलियन डॉलर से अधिक की रकम चुकानी पड़ सकती है। इसके अलावा, यह फैसला यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की उनकी धमकी को भी कमजोर कर सकता है, जो उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी योजनाओं का विरोध करने पर दी थी।

क्या है ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ मामला?

यह मामला ट्रंप के 2 अप्रैल के ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ से जुड़ा है, जिसके तहत अधिकांश आयातों पर 10 से 50 प्रतिशत का शुल्क लगाया गया था। ट्रंप ने फेंटानिल तस्करी का हवाला देते हुए कनाडा, मैक्सिको और चीन जैसे देशों पर भी भारी शुल्क लगाया था।

पिछले साल 5 नवंबर, 2025 को हुई सुनवाई के दौरान, अदालत ने इस बात पर संदेह जताया था कि क्या 1977 का कानून राष्ट्रपति को आपातकालीन स्थितियों में इस तरह के टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। अदालत की शुरुआती टिप्पणियों से संकेत मिला था कि वह ट्रंप द्वारा शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर आश्वस्त नहीं है।