जबलपुर में स्कूटर और बसों से जैसी गाड़ियों में धान का परिवहन दिखाकर किए गए 34 करोड़ के घोटाले पर हाई कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है, मामले पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाई कोर्ट ने धान घोटाले की राज्य स्तरीय जांच करवाने के आदेश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सभी कलेक्टर्स को आदेश दिया है कि वो अपने जिलों में धान परिवहन की जांच करें और अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करें, हाई कोर्ट ने मध्यप्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम को आदेश दिए हैं कि वो इस राज्यव्यापी जांच पर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे साथ ही ईओडब्लू को भी निर्देश दिए हैं कि वो धान घोटाले पर जांच कार्यवाईयों की स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई में कोर्ट में पेश करे।
नागरिक उपभोक्ता मंच ने दायर की याचिका
बता दें कि हाईकोर्ट में ये याचिका जबलपुर के एक सामाजिक संगठन नागरिक उपभोक्ता मंच ने दायर की थी, इसमें कहा गया था कि जबलपुर कलेक्टर ने साल 2025 में करीब 34 करोड़ का धान मिलिंग और परिवहन घोटाला पकड़ा था, इसमें सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत ने मिलर्स और ट्रांसपोर्टर्स ने 34 करोड़ का घोटाला किया था, आरोपियों ने वेयरहाउस से निकली धान मिलों तक नहीं पहुंचाई थी बल्कि धान का फर्जी परिवहन दिखाकर सरकार से परिवहन की करोड़ों रुपयों की राशि भी हड़प ली थी।
याचिका में की गई राज्यस्तरीय जांच की मांग
याचिका में कहा गया था कि ये राज्यस्तरीय घोटाला था लेकिन इसकी जांच और कार्रवाई सिर्फ जबलपुर में सीमित होकर रह गई, याचिका में धान घोटाले की राज्य स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा गया था कि अगर जबलपुर की तर्ज पर जांच सभी जिलों में हो जाए तो प्रदेश में अरबों का घोटाला उजाकर हो सकता है, अदालत एन याचिकाकर्ता की मांग को स्वीकार करते हुए घोटाले की राज्य स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।






