कांग्रेस विधायक के विधानसभा क्षेत्र में धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता,खाद्यान्न घोटाले का आरोप

कांग्रेस विधायक के विधानसभा क्षेत्र में धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता,खाद्यान्न घोटाले का आरोप

जबलपुर/संदीप कुमार

मंगलवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कृषि उपज मंडी का घेराव किया और वहां धरने पर बैठ गए। खास बात यह है कि जिस कृषि उपज मंडी का युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव किया था वह मंडी उत्तर मध्य विधानसभा के अंतर्गत आती है और इस विधानसभा से विधायक कांग्रेस के ही विनय सक्सेना हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि खाद्यान्न घोटाले का विरोध कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने विधायक विनय सक्सेना से शिकायत करने की बजाय धरने पर बैठ गए।

कुछ इस तरह से हुआ खाद्यान्न घोटाला
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिन लोगों को खाद्यान्न वितरित किया गया है वह प्राइम लोकेशन में रहने वाले हैं और संपन्न घरों से हैं। ऐसे लोगों को सरकारी खाद्यान्न बांटना पूरी तरह से गलत है। जबकि वह लोग जो कि वाकई गरीब हैं और बीते ढाई माह से लॉक डाउन के कारण दाने-दाने को मोहताज हैं, उन लोगों को सरकारी खाद्यान्न से महरूम रखा गया। लिहाजा इसमें कहीं ना कहीं अधिकारियों सहित राजनेताओं की भी मिलीभगत हो सकती है।

हाथों में तख्ती और मुंह पर मास्क और सोशल डिस्टेंस के साथ धरना
जिले में यह पहली बार हो रहा है जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता सोशल डिस्टेंस के साथ और शासन के नियमों को देखते हुए अपना प्रदर्शन किया हो। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुंह पर मास्क बांधकर और हाथों में तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया और धरने पर बैठ गए।

गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है खाद्यान्न
युवा कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री जितिन राज की माने तो राशन दुकानों में गरीबों के लिए खाद्यान्न आ तो रहा है पर यह उन तक नहीं पहुंच पा रहा है जिन्हें वास्तविक रूप से जरूरत है। आज हालात ये है कि गरीबों की जगह रसूखदार और संपन्न लोग शासकीय खाद्यान्न का लाभ उठा रहे हैं। युवा कांग्रेस और कांग्रेस के नेताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि जो खाद्यान्न घोटाला हुआ है उसकी जांच की जाए और इसमें चाहे दोषी कोई भी हो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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