कोरोना वायरस अलर्ट: केंद्रीय सुरक्षा संस्थान बंद करने के भी आदेश

कोरोना वायरस अलर्ट: केंद्रीय सुरक्षा संस्थान बंद करने के भी आदेश

जबलपुर।संदीप कुमार।
कोरोना वायरस के चलते अब केंद्रीय सुरक्षा संस्थानों को भी बंद करने के भारत सरकार रक्षा मंत्रालय ने आदेश जारी किए है हालांकि शुरुआती दौर में फैक्टरी के पचास प्रतिशत कर्मचारी छुट्टी में रहेंगे जबकि पचास प्रतिशत कर्मचारी काम करेंगे।दर्शल कोरोना वायरस के चलते पूरे देश मे अलर्ट घोषित किया गया है।यही वजह की रक्षा मंत्रालय ने भी देश भर की निर्माणियों को आगामी 4 अप्रैल तक बंद रखने के निर्देश दिए है चूँकि मार्च का माह है और क्लोजिंग के दौरान सेना को ज्यादा से ज्यादा माल तैयार कर के देना है जिसके चलते सप्ताह दर सप्ताह पचास-पचास प्रतिशत कर्मचारियों को छुट्टी दी गई है।

जबलपुर में है चार केंद्रीय सुरक्षा संस्थान……
जबलपुर में ऑर्डन्स फेक्ट्री खमरिया,व्हीकल फेक्ट्री जबलपुर,ग्रे आयरन फाउंड्री और गन कैरिज फैक्ट्री है जहाँ पर की सेना के लिए तोप, वाहन सहित गोला बारूद बनता है।

चारो फैक्टरी में कार्यरत है हजारो मजदूर और अधिकारी….
कोरोना वायरस से बचने के लिए जरूरी है भीड़ से बचना।ये गाइडलाइन भारत सरकार भी लगातार जारी कर रही है।भीड़ से बचने की सलाह भी लोगो को दी जा रही है ऐसे में फैक्ट्री में कार्य कर रहे मजदूरों को भी छुट्टी के आदेश रक्षा मंत्रालय ने दिए है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews