पूर्व विधायक राम बाई को दो मामलों में तीन-तीन माह की सजा, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया

Former MLA Ram bai

Jabalpur News : जबलपुर एमपी एमएलए कोर्ट ने आज एक मामले पर सुनवाई करते हुए दमोह पथरिया की पूर्व विधायक राम बाई को दो मामलों में तीन-तीन माह की सजा और जुर्माने से दंडित किया है। पूर्व विधायक राम बाई ने दमोह के तत्कालीन कलेक्टर के साथ अभ्रदता करते हुए शासकीय काम में बड़ा डाला था।

आपको बता दें कि मामला 2022 का है जब दमोह के तत्कालीन कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य अपने कार्यालय में बैठे  थे, उसी दौरान पूर्व विधायक राम बाई पहुंची और शासकीय काम में बांधा डालते हुए अभ्रदता की साथ ही कलेक्टर से बदतमीजी की। कलेक्टर ने दमोह कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई। दो साल से चल रहे केस की आज एमपी एमएलए न्यायाधीश विश्वेशरी मिश्रा ने सुनवाई की।

कलेक्टर से की थी अभद्रता, वीडियो हुए थे वायरल 

कोर्ट को बताया गया कि दमोह के तत्कालीन कलेक्टर एस.कृष्ण चैतन्य के साथ सरेराह अभद्रता की थी। जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुए थे। कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में चालान शीट जिला कोर्ट में पेश की। हाईकोर्ट के निर्देश पर बाद में यह मामला एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर हुआ। ट्रायल में कलेक्टर की भी गवाही हुई, जिसमें कलेक्टर ने बताया कि मेरे साथ यह घटना हुई थी।

इस मामले में भी तीन माह की सजा और जुर्माना 

एक और मामले में भी पूर्व विधायक राम बाई कोर्ट में पेश हुई, इसमें भी उन्हें तीन माह की सजा और एक हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया है। यह घटना 2016 की है जब पूर्व विधायक के एक कार्यकर्ता अवैध बिजली से आटा चक्की चला रहा था। सूचना मिलने पर बिजली विभाग कर्मचारी मौके पर पहुंचे बिजली काट दी।

यह जानकारी जब पूर्व विधायक राम बाई को लगी तो वह अपने कार्यकर्ताओ के साथ बिजली कर्मचारी के घर पहुंची और अभद्रता करते हुए उसे धमकी दी। इस मामले पर भी दमोह के कोतवाली थाना पुलिस ने राम बाई सहित पुष्पेंद्र सिंह, गोलू सिंह, लवकेश, शैल सिंह, छोटू सिंह, गोविंद सिंह और राम बाई के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले पर एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनवाई की और तीन माह की सजा और एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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