जबलपुर: मध्य प्रदेश के भोपाल में बहुचर्चित पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा मामले में अपडेट सामने आया है। सौरभ शर्मा की अस्थाई जमानत याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
सौरभ शर्मा ने हाईकोर्ट में 60 दिन की अस्थाई जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। याचिका में उन्होंने अपनी पत्नी की प्रस्तावित सर्जरी और बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए राहत की मांग की है। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया। माना जा रहा है कि अदालत इस मामले में गुरुवार तक अपना फैसला सुना सकती है।
नियमित जमानत देने से HC कर चुका है इनकार
बता दें कि यह सौरभ शर्मा की नियमित जमानत याचिका नहीं, बल्कि अस्थायी (टेंपरेरी) जमानत के लिए दायर आवेदन है। इससे पहले भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। इसके बाद हाईकोर्ट ने भी नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया था। ऐसे में इस बार सौरभ शर्मा ने पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए सीमित अवधि के लिए अस्थायी जमानत की मांग की है।
गौरतलब है कि सौरभ शर्मा मध्य प्रदेश के चर्चित RTO भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में मुख्य आरोपी हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार कार से 11.60 करोड़ रुपए नकद और लगभग 51.893 किलोग्राम सोना बरामद किया गया था, जिसकी कीमत 40 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई थी। इतना ही नहीं घर से करोड़ों रुपये का कैश भी बरामद किया गया था।
अदालत दिए गए बयान के अनुसार, ईडी सौरभ शर्मा की कुल 108.24 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति जब्त, फ्रीज या अटैच की जा चुकी है। फिलहाल आरोपी सौरभ शर्मा जेल में बंद है। अब देखना होगा कि अदालत सौरभ शर्मा को अस्थाई जमानत देती है या नहीं।





