हाई कोर्ट में भ्रूण मामला: एसपी ने सुरक्षा में लगे चार पुलिसकर्मियों को किया निलंबित, लापरवाही का दोषी माना

दयाशंकर स्वयं ही अपने केस की पैरवी कर रहा है, इसलिए वह दोपहर को गेट नंबर 6 से प्रवेश किया । इस दौरान उसके बैग में दस्तावेजों के साथ भ्रूण भी रखा हुआ था।
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में भ्रूण के साथ पहुंचे युवक का मामले पर अब पुलिस ने एक्शन लिया है, जबलपुर एसपी ने हाई कोर्ट में सुरक्षा पर लगे चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

बता दें सोमवार को हाई कोर्ट परिसर के अंदर एक शख्स भ्रूण लेकर चला गया था। रीवा जिले के बैकुंठपुर में रहने वाला दयाशंकर पांडे सोमवार को एक थैले में भ्रूण लेकर हाईकोर्ट परिसर के अंदर चला गया था। सुरक्षा में लगे कर्मचारियों की इसे बड़ी गलती मानी गई जिसके बाद मंगलवार को एसपी संपत उपाध्याय ने यह कार्रवाई की है।

पीड़ित ने पुलिस के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था 

बैकुंठपुर का रहने वाला दयाशंकर पांडे का आरोप है कि उस पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिसकी शिकायत उसने कई मर्तबा रीवा पुलिस से भी की है, लेकिन कहीं से भी मदद नहीं मिली। यही वजह है कि दयाशंकर पांडे ने रीवा पुलिस की कार्रवाई को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और याचिका दायर की।

एसपी ने इन चार पुलिसकर्मियों को किया निलंबित 

सोमवार को इसी मामले में सुनवाई थी। दयाशंकर स्वयं ही अपने केस की पैरवी कर रहा है, इसलिए वह दोपहर को गेट नंबर 6 से प्रवेश किया । इस दौरान उसके बैग में दस्तावेजों के साथ भ्रूण भी रखा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही हाईकोर्ट में हड़कंप की स्थिति बन गई। ड्यूटी पर लापरवाही बरतने को लेकर एसपी संपत उपाध्याय ने एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर को निलंबित कर दिया है। मामले की आगे की जांच हाईकोर्ट सुरक्षा अधिकारी को सौंपी गई है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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