उस वक्त जितना भी स्टाफ थाने में था सभी का 900 किलो मीटर दूर ट्रांसफर किया जाए, हाई कोर्ट जस्टिस के डीजीपी को निर्देश

एमपी हाई कोर्ट के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने पुलिस हिरासत में एक युवक से मारपीट कर उसके खिलाफ फर्जी केस दर्ज करने मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
MP High Court decision

MP High Court Decision: मध्य प्रदेश जबलपुर हाई कोर्ट के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने आज एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिसकी पूरे प्रदेश में चर्चा हो रही है। इस फैसले में जस्टिस द्वारा डीजीपी को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं उसे मामले में आरोपियों से अच्छा-खासा जुर्माना भी वसूला जा रहा है।

मामला है अनूपपुर जिले के भलमुडा थाने का, जहां याचिकाकर्ता अखिलेश पांडे ने सितंबर 2023 में थाने के आरक्षक मकसूदन सिंह और थाना प्रभारी सहित अन्य छह लोगों पर मारपीट करने और स्वयं वर्दी फाड़कर उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने की बात कही थी। इसके बाद याचिकाकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार के तहत थाने का सीसीटीवी मांग कर आरक्षक, थाना प्रभारी व अन्य के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर किया गया था। आज इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस अहलूवालिया ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

900 किलोमीटर दूर किया जाए तबादला (MP News Today)

इस फैसले के अंतर्गत जस्टिस ने मध्य प्रदेश के डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि मामले में न केवल आरोपी थाना स्टाफ बल्कि उसे समय जो भी थाने में मौजूद था उन सभी को 900 किलोमीटर दूर ट्रांसफर किया जाए। साथी आरोपी पुलिसकर्मियों से 1,20, 000 रुपए का मुआवजा लेकर पीड़ित को दिया जाए।

तीन माह में हो निर्देश का पालन (Justice GS Ahluwaliya)

इसके अलावा जस्टिस द्वारा यह भी साफ शब्दों में कहा गया है की जो निर्देश दिए गए हैं उनका पालन 3 महीने के भीतर हो जाना चाहिए। इसके अलावा जस्टिस अहलूवालिया द्वारा प्रदेश के प्रत्येक थाने के प्रत्येक कमरे में सीसीटीवी लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

Manisha Kumari Pandey
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