जबलपुर में शुरू हुई 33 KM लंबी संस्कार कांवड़ यात्रा, ग्वारीघाट से कैलाश धाम तक उमड़ा आस्था का सैलाब

जबलपुर में आज संस्कार कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। 33 किमी की ये यात्रा नर्मदा के ग्वारीघाट से शुरू हुई है, जो कैलाशधाम पर जाकर समाप्त होगी। इसमें बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल होंगे।
Jabalpur

मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज 33 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा निकाली जाने वाली है। नर्मदा के ग्वारी घाट से कैलाश धाम तक निकलने वाली इस यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कांवड़िए शामिल हुए।

बता दें कि पिछले 15 वर्षों से इस यात्रा का आयोजन शहर में किया जा रहा है। ये इसका 16वां वर्ष है। इस यात्रा में राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल हो सकते हैं। भाजपा के मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए।

शुरू हुई 33 किमी लंबी कांवड़ यात्रा

जबलपुर के नर्मदा तट पर स्थित ग्वारी घाट से सुबह 6 बजे कावड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। ये खमरिया स्थित कैलाश धाम मंदिर पर जाकर संपन्न होगी। इस यात्रा में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है।

प्रहलाद पटेल और जीतू पटवारी हुए शामिल

इस कांवड़ यात्रा का हिस्सा केवल कावड़ यात्रा की नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि भी बना रहे हैं। बीजेपी के कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल इस यात्रा में शामिल हुए। इसके बारे में सोशल मीडिया हैंडल X पर जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा कांवड़ यात्रा केवल आस्था का पद नहीं सत्य के रास्ते पर चलने का संकल्प है। सावन माह के द्वितीय पवित्र सोमवार को महायोगी पूज्य दादा गुरु जी के सानिध्य में जबलपुर के सिद्ध घाट पर मां नर्मदा के दर्शन के उपरांत संस्कार कावड़ यात्रा समिति नर्मदा मिशन द्वारा आयोजित कांवड़ यात्रा में सम्मिलित हुआ। शिवधाम तक की इस यात्रा में हजारों शिवभक्त शामिल होते हैं। इस कांवड़ यात्रा में एक ओर मां नर्मदा का जल और दूसरी तरफ पितृ स्वरूप देव वृक्ष लेकर चलते हैं।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी इस यात्रा में सम्मिलित हुए। इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा सावन मास के दूसरे सोमवार पर जबलपुर की संस्कार कावड़ यात्रा में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मेरे आराध्य भोलेनाथ की कृपा और मां नर्मदा के आशीष से जबलपुर के ग्वारीघाट से प्रारंभ हुई ये यात्रा शिव भक्ति से सराबोर है।

प्रशासन द्वारा व्यवस्था चाकचौबंद

इस यात्रा को देखते हुए शहर के कई मार्गों को डायवर्ट किया गया है। भारी भीड़ को देखते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जबलपुर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। इसी के साथ तेज आवाज वाले डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्रा के दौरान किसी भी झांकी, मंच या वाहन पर दो से ज्यादा साउंड बॉक्स लगाने की अनुमति नहीं होगी। स्पीकर की साइज 12 इंच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और साउंड की सीमा 50 डेसिबल तय की गई है। हॉर्न स्पीकर के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

ये है यात्रा का मार्ग

16 वर्षों से निकली जा रही है इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि नर्मदा के जल के साथ हर श्रद्धालु एक पौधा भी लेकर चलता है। यह पौधा कैलाश धाम की पहाड़ियों में रोपा जाता है। इस पहल से ये पहाड़ी पूरी तरह से हरी भरी हो गई है। यात्रा के मार्ग की बात करें तो यह ग्वारीघाट से शुरू होकर रेत नाका, रामपुर चौक, शंकराचार्य चौक, शास्त्री ब्रिज, यातायात चौक, सुपर मार्केट, लॉर्डगंज, सराफा बाजार, बेलबाग, घमापुर, कांचघर, गोकलपुरी और रांझी होते हुए खमरिया स्थित कैलाश धाम पहुंचेगी। सुबह से शुरू हुई इस यात्रा का समापन दोपहर करीब 4 बजे भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ होगा।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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