जबलपुर के सिविक सेंटर स्थित समदड़िया मॉल में हस्तशिल्प और हथकरघा प्रदर्शनी शुरू हो गई है। 5 से 14 सितंबर तक चलने वाले इस 10 दिवसीय मेले में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए कारीगरों ने अपने खास उत्पाद सजाए हैं। यहां चंदेरी और महेश्वरी साड़ियों से लेकर बाग प्रिंट, लेदर सामान और ज्वेलरी तक खरीदने का मौका मिलेगा।
स्थानीय कारीगरों और बुनकरों को बाजार देने के उद्देश्य से लगाई गई इस प्रदर्शनी में करीब 25 स्टॉल लगाए गए हैं। मेले का आयोजन संत रविदास मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम के मृगनयनी एम्पोरियम की ओर से किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से कारीगरों को अपने बनाए सामान के लिए सीधे ग्राहक मिलते हैं।
चंदेरी-महेश्वरी साड़ी से बाग प्रिंट तक कई सामान
हस्तशिल्प प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की पारंपरिक कला देखने को मिल रही है। यहां चंदेरी और महेश्वरी साड़ियां, भोपाल के लेदर उत्पाद, बाग प्रिंट, खंडवा का ब्लॉक प्रिंट, बीड्स और स्टोन ज्वेलरी के साथ कई तरह के रेडीमेड हस्तशिल्प सामान उपलब्ध हैं। यानी खरीदारी करने आने वाले लोगों को एक ही जगह पर प्रदेश की अलग-अलग कलाओं से जुड़े उत्पाद मिल रहे हैं।
कारीगरों को मिलेगा सीधा बाजार और बेहतर पहचान
इस मेले का सबसे बड़ा उद्देश्य स्थानीय बुनकरों और शिल्पकारों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। कई कारीगर हाथ से सामान तैयार करते हैं, लेकिन उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए सही ग्राहक नहीं मिल पाते। ऐसी प्रदर्शनी उनके लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराती है। इससे कारीगरों को अपने काम की पहचान मिलने के साथ उत्पाद का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद रहती है।
14 सितंबर तक चलने वाले इस मेले में जबलपुर के लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की गई है। आयोजकों के अनुसार, स्थानीय और पारंपरिक सामान खरीदकर लोग कारीगरों का हौसला बढ़ा सकते हैं। प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को एक ही जगह पर मध्य प्रदेश की कई प्रसिद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा कलाओं को देखने और खरीदने का मौका मिल रहा है।






