जबलपुर में देर रात एक नई शराब दुकान को लेकर बड़ा हंगामा हो गया है। दरअसल स्थानीय लोगों के भारी विरोध के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने दुकान को फिलहाल सील कर दिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब मदन महल लिंक रोड पर एक शराब दुकान को वहां से करीब आधा किलोमीटर आगे उस जगह शिफ्ट किया जा रहा था, जहां पहले बच्चों की कोचिंग क्लास चलती थी।
दरअसल यह घटना देर रात करीब 12 बजे की है, जब पुरानी दुकान से नई जगह पर शराब की पेटियां और अन्य सामान शिफ्ट किए जा रहे थे। जैसे ही स्थानीय निवासियों को इस बदलाव की जानकारी मिली, बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने नई दुकान को किसी भी कीमत पर न खुलने देने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारी इतने गुस्से में थे कि उन्होंने नई दुकान में सामान शिफ्ट कर रहे कर्मचारियों को वहां से खदेड़ दिया है।
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स्थानीय सरकार ने ‘लाड़ली पथ’ का नाम दिया था
वहीं मदन महल लिंक रोड, जिसे कुछ समय पहले ही स्थानीय सरकार ने ‘लाड़ली पथ’ का नाम दिया था, उसी पर यह नई शराब दुकान खुलने जा रही थी। इस बात से स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। उनका कहना है कि जिस रास्ते को बेटियों और बच्चों के लिए ‘लाड़ली’ बताया गया था, अब उसी पर शराब की दुकान खोलना बेहद शर्मनाक है। स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि यह बहुत ही शर्म की बात है। उन्होंने कहा है कि कुछ दिन पहले ही स्थानीय सरकार ने इस पथ का शिलान्यास किया था कि यह लाड़ली पथ है, लेकिन अब उसी राह पर शराब दुकान खोली जा रही है।
स्थानीय निवासी का कहा है कि “यह बहुत ही शर्म की बात है, जिसे कि स्थानीय सरकार ने कुछ दिनों पहले शिलान्यास किया था कि यह पथ लाड़ली है, अब उसी राह पर शराब दुकान खोली जा रही है। कल जब सीएम और पीएम को मीडिया के माध्यम से पता चलेगा, तब उसका क्या असर पड़ेगा। भूमाफिया और शराब माफिया मिलकर लाड़ली पथ को शराब पथ बनाने जा रहे हैं। यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है।”
राजेश कुमार ने आगे बताया है कि देर रात जैसे ही उन्हें पता चला कि कोचिंग सेंटर की जगह शराब दुकान खुलेगी, उन्होंने इसे ‘कतई मंजूर नहीं’ करने का फैसला किया है। स्थानीय लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर यहां पर शराब की दुकान खुलती है, तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा और वे किसी भी कीमत पर दुकान नहीं खुलने देंगे। उन्होंने आबकारी और पुलिस के सहयोग से दुकान के अंदर रखा गया माल बाहर निकलवाया है।
पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची
हंगामे की जानकारी मिलते ही पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची हैं। उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की है और स्थिति को शांत कराया है। आबकारी अधिकारी ने बताया है कि देर रात उन्हें शराब दुकान शिफ्ट किए जाने और स्थानीय लोगों के विरोध की जानकारी मिली थी।
फिलहाल, पुलिस और आबकारी विभाग ने आपसी सहमति के बाद शराब दुकान को सील कर दिया है। अब इस दुकान को लेकर अंतिम निर्णय जबलपुर कलेक्टर के आदेश के बाद ही लिया जाएगा कि यह दुकान कहां खुलेगी। यह घटना शहर में शराब दुकानों के स्थान परिवर्तन को लेकर स्थानीय आबादी के बढ़ते विरोध को उजागर करती है, खासकर जब वे आवासीय या बच्चों से जुड़े क्षेत्रों के पास स्थापित की जा रही हों। लोगों का कहना है कि वे अपने बच्चों के भविष्य और आसपास के माहौल को खराब नहीं होने देंगे।