जबलपुर पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासा, प्रेम संबध थी वजह, आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासा,  प्रेम संबध थी वजह, आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर, संदीप कुमार

12 अगस्त की दरमियानी रात गोली मारकर की गई अंकित चंडोक की हत्या का आज जबलपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या के आरोप में पुलिस ने उत्तरप्रदेश गाजियाबाद निवासी तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह प्रेम संबंध बताया जा रहा है।

आरोपी उत्कर्ष मिश्रा के मृतक की पत्नी से प्रेम संबंध

अंकित हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि आरोपी उत्कर्ष मिश्रा गाजियाबाद निवासी 2018 मे जबलपुर में आयोजित डॉग शो में शामिल हुआ था। उसी समय मृतक अंकित की पत्नी से उसकी मुलाकात होई थी, तभी से दोनों की फोन पर बात होना शुरू हो गई थी। उत्कर्ष 2018 के बाद से जब कभी जबलपुर आता था तो अपने दोस्त जग्गी साहिल के घर रुकता था। उस दौरान उत्कर्ष महिला से मुलाकात भी करने लगा था। लगातार बातचीत करने और मिलने के कारण उत्कर्ष महिला से प्यार करने लगा था, उत्कर्ष को लगने लगा कि अगर महिला से विवाह करना है तो अंकित को रास्ते से हटाना होगा।

अपने दो साथियों को लेकर जबलपुर पहुंचा आरोपी

अंकित को रास्ते से हटाने के लिए उत्कर्ष ने गाजियाबाद निवासी अपने दो साथी मयंक और शिवम को साथ लेकर  तीनो कार से जबलपुर पहुचंते है।अंकित की हत्या करने के लिए तीनों आरोपी लगातार 5 दिनों तक मृतक की रैकी करते है।अंकित कब और कहां जा रहा है, उसकी हर जगह नजर रखी जाती है। घटना वाले दिन जब अंकित रात को अपनी स्कूटर से शारदा चौक पहुंचता है, तभी पहले से घात लगाए आरोपी उसे गोली मार देते है, इस घटना में अंकित की मौके पर ही मौत हो जाती है।

अंकित का व्यापार को लेकर चल रहा था विवाद,पुलिस का जाता है उनपर शक

मृतक अंकित की समदड़िया मॉल में टेटू बनाने की दूकान है और इसी को लेकर दीपक जैन नाम के एक युवक से अंकित का विवाद भी चल रहा था चूँकि आरोपी उत्कर्ष मिश्रा को पता था कि दीपक जैन से विवाद चल रहा है जिसका फायदा उत्कर्ष ने उठाया।

हत्या के बाद वापस गाजियाबाद भाग गए थे तीनो आरोपी

अंकित चंडोक की हत्या करने के बाद तीनों ही आरोपी उत्कर्ष, शिवम और मयंक कार से वापस उसी रात गाजियाबाद भाग गए थे। चूंकि घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में कार और टक्कर मारने की घटना रिकॉर्ड हो गई थी, जिसके चलते पुलिस इसी आधार पर तीनों ही आरोपियों को गाजियाबाद से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल करते है।

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