जबलपुर जिले में तीन तलाक का मामला सामने आया है जहां एक पति ने अपनी पत्नी को व्हाट्सएप वॉइस मैसेज के जरिए तलाक देने की कोशिश की। यह घटना अधारताल थाना क्षेत्र की है और शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, यह संभवतः देश का ऐसा पहला मामला है जिसमें व्हाट्सएप वॉइस मैसेज के माध्यम से तीन तलाक दिया गया हो। हालांकि 2019 में लागू कानून के बाद किसी भी रूप में तत्काल तीन तलाक देना अवैध और दंडनीय अपराध है। तत्काल तीन तलाक (मौखिक, लिखित, एसएमएस, व्हाट्सएप, ईमेल या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से) अवैध और शून्य घोषित है और ऐसा करने वाले पति को 3 साल तक की जेल और जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।
पति ने की व्हाट्सएप वॉइस मैसेज पर तीन तलाक देने की कोशिश
जबलपुर जिले के अधारताल थाना क्षेत्र की रहने वाली फरहीन अली (32 वर्ष) ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि उनका निकाह वर्ष 2010 में हनुमानताल निवासी वाहिद अली से हुआ था। शादी के कुछ समय बाद से ही पति, सास सुल्ताना बानो, ससुर नजर अली और अन्य परिवारजनों द्वारा घरेलू प्रताड़ना शुरू हो गई। महिला ने अपनी परेशानियां माता-पिता को बताई जिसके बाद समाज के लोगों ने हस्तक्षेप कर विवाद सुलझाने की कोशिश की थी।
पुलिस ने शिकायत के बाद केस दर्ज किया
शिकायत में फरहीन अली ने कहा कि 16 जनवरी को पति ने फोन कर उन्हें वापस बुलाया, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर मायके भेज दिया। इसके बाद 16 फरवरी को पति ने उनकी बहन के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप वॉइस कॉल के जरिए संपर्क किया। वॉइस मैसेज में उसने कहा “मैं अपने पूरे होशो हवास में फरहीन को तलाक देता हूं।” और फिर तीन बार “तलाक… तलाक… तलाक” दोहराया। इसके बाद फरहीन अली ने अधारताल थाने में पति वाहिद अली, सास और ससुर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है। थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे ने बताया कि वॉइस मैसेज के जरिए तीन तलाक दिए जाने की पुष्टि हुई है और मामले की जांच जारी है। इस मामले में जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की जा सकती है।






