मध्यप्रदेश के भोपाल स्थि​त जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में करीब पांच दिन पहले वाहन चैकिंग के दौरान अधिवक्ता राकेश रावल और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद के मामले में सोमवार को जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। विवाद के बाद दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके बाद अधिवक्ता राकेश रावल ने पुलिस पर अपने साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

बता दें कि सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भोपाल पुलिस को घटनास्थल और उसके आसपास के क्षेत्र के 7 घंटे के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, अदालत ने अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ दर्ज FIR पर रोक लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी पर भी अंतरिम रोक लगा दी है।

क्या है पूरा घटनाक्रम?

हाईकोर्ट पहुंचे अधिवक्ता राकेश रावल ने बताया कि घटना वाले दिन भोपाल कोर्ट से निकरकर घर जा रहे थे, रास्ते में जाम लगा था और डायवर्ट भी किया गया था.. जब गाड़ी मोड़ रहे थे, तो पुलिस ने बैरीकेट लगा दिए और रास्ता आचानक ही बंद कर दिया। जिस पर अधिवक्ता ने कहा कि रास्ता खोल दो हम यहां से निकल जाते है। इस पर पुलिसकर्मी ने मना किया तो वकील ने कहा कि गाड़ी में पेट्रोल नहीं है और जिस रास्ते से आप जाने को कह रहे है वहां पर कोई पंप नहीं है। इसके बाद भी जब पुलिस ने वकील को जाने नहीं दिया तो उन्होंने कहा कि अगर रास्ते में कहीं गाड़ी खड़ी हो जाती है और जाम लग जाता है तो क्या आप पेट्रोल खरीदकर लाकर देगें?

राकेश रावल ने बताया कि मेरा इतना कहना पुलिसकर्मीयों को शायद बुरा लग गया.. जिसके बाद थाना प्रभारी वहां पर आये और उनके कहने पर मुझे ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बाहर मैदान में जहां पर कि अंधेरा था वहां पुलिसकर्मीयों ने मिलकर जमकर डंडे से पीटा, बाद में कीचड़ में पटका और फिर थाने में बैठा दिया।

पुलिस की शिकायत के अनुसार मामला

बता दें कि आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत पर अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरक्षक ने अपनी शिकायत में बताया कि 22 सितंबर को शाम करीब 8 बजे उनकी ड्यूटी खटलापुरा विसर्जन घाट पर गणेश विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए पीएचक्यू गेट नंबर-1 के पास लगी थी। इसी दौरान कंट्रोल रूम की तरफ से एक व्यक्ति लाल रंग की कार (MP04ZL3133) से खटलापुरा रोड की ओर जाने लगा। आरक्षक ने उसे वहां से जाने से मना किया तो उसने कार बीच सड़क पर खड़ी कर दी.. जिससे यातायात बाधित होने लगा।

आरक्षक का आरोप, राकेश रावल ने दी जान से मारने की धमकी

शिकायत के अनुसार, जब व्यक्ति को समझाया गया तब वह नशे में होने जैसा प्रतीत हुआ और पूरे पुलिस विभाग को गालियां देने लगा। मना करने पर उसने खुद को भोपाल कोर्ट का वकील बताते हुए अपना नाम राकेश रावल बताया। इसके बाद वह आरक्षक से झगड़ा और मारपीट करने लगा। आरक्षक ने आरोप लगाया कि राकेश रावल ने उसे जान से मारने की धमकी दी और कहा, 2 मिनट में तेरी वर्दी उतरवा दूंगा। साथ ही कहा, तू मुझे दूसरे रूट पर भेज रहा, क्या पेट्रोल का पैसा तेरा बाप देगा?.. आरक्षक ने घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। उनके निर्देश पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और अभद्रता की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचा।

राकेश रावल के खिलाफ FIR एवं गिरफ्तारी पर रोक

राकेश रावल की ओर से हाईकोर्ट में उपास्थित हुए अधिवक्ता ने बताया कि पुलिसकर्मीयों ने मारपीट करने के बाद अधिवक्ता के खिलाफ ही गैर जामानती धाराओं के तहत FIR दर्ज कर दी। जिसे कि हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। सोमवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए वकील पर हुई एफआईआर पर रोक लगाते हुए कहा कि इनके खिलाफ कोई भी एक्शन नहीं लिया जाएगा, इसके साथ ही गिरफ्तारी भी नहीं होगी।

घटना में अब तक क्या हुई कार्रवाई?

घटना के बाद डीसीपी जोन-1 ने थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, कॉन्स्टेबल यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को निलंबित कर दिया। तीनों को निलंबन अवधि में रिजर्व सेंटर से संबद्ध किया गया है। प्राथमिक जांच सात दिन में पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। राकेश रावल की शिकायत पर थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज की गई है। जबकि आरक्षक हरि ओम वर्मा की शिकायत पर राकेश रावल के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, अभद्रता और मारपीट का मामला दर्ज किया गया।

 

जबलपुर से वंदना झा की रिपोर्ट