पार्टी से बगावत कर निर्दलीय खड़े होने वाले नेताओं को नहीं मिलेगी प्राथमिकता

पार्टी से बगावत कर निर्दलीय खड़े होने वाले नेताओं को नहीं मिलेगी प्राथमिकता

जबलपुर,संदीप कुमार| अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक (Mukul Wasnik) प्रदेश के दौरे पर हैं| शुक्रवार को वासनिक जबलपुर (Jabalpur) पहुचे जहा उन्होंने आने वाले निगम चुनावो में कसावट लाने और कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने के लिए जबलपुर, नरसिंहपुर और कटनी जिले के संगठन पदाधिकारियों की बैठक ली और आने वाले नगरीय निकाय चुनावो (Urban Body Election) के लिए सुझाव सांझा किये| इस दौरान उनके सामने पार्टी के असंतुष्ट नेताओ ने मोर्चा भी खोला।

जबलपुर में कांग्रेस की संभाग की बैठक में मुकुल वासनिक ने साफ तौर पर संकेत भी दे दिए हैं कि पहले संगठन की मजबूती के लिए काम होगा, फिर नगरीय निकाय चुनाव पर विचार किया जाएगा| मुकुल वासनिक चाहते हैं कि प्रदेश और जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को निचले स्तर तक प्रभार दिया जाए| उनके दिशा निर्देश के अनुसार मध्य प्रदेश कांग्रेस में फेरबदल की शुरुआत भी हो गई है| साथ ही पार्टी आने वाले चुनावों में उन को लोगो पर नज़र रखेगे जिन के वजह से पार्टी के तय किये कैंडिडेट को चुनावो में नुकसान हो सकता है।

संभागीय स्तर इस बैठक में बहुत से चेहरे ऐसे भी थे जो पार्टी की कथनी और करनी से असंतुष्ट थे उनका साफ तौर पर कहना है कि वह कब तक पार्टी में रहकर जमीनी कार्यकर्ता या नेताओ के झंडे बैनर उठाने वाले कार्यकर्ता बनकर रहेंगे, पार्टी उनके लिए भी जवाबदारी तय करें जो सालों से महज कार्यकर्ता बन के रह गए हैं| उनकी सुनवाई उन बड़े नेताओं तक नहीं हो पाती है जो पार्टी की नीति तय करते हैं इसी कारण पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ता है साथ ही पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी जिसका दंश कांग्रेस हर चुनाव में झेलते हुए आ रही है..इस पर मुकुल वासनिक ने यह स्पष्ट किया कि जो लोग पार्टी से बगावत कर पिछले चुनावों में निर्दलीय खड़े हुए थे उन्हें प्राथमिकता नही मिलेगी।

पिछले 15 सालों से नगर निगम सत्ता पर बीजेपी का राज है ऐसे में प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक की जवाबदारी और कठिन हो जाती है कि 15 सालों से सत्ता पर काबिज बीजेपी के हाथ से सत्ता कैसे छीनने इसके लिए संगठन को साधना और भविष्य में टिकट वितरण के समय होने वाले नाराज नेताओं की नाराजगी दूर करना यह एक बड़ी चुनौती साबित होगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews