जबलपुर। मध्य प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार सुबह राज्य जीएसटी (SGST) विभाग के वाणिज्य कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के ठिकानों पर छापेमारी की। मनीष जैन दमोह में पदस्थ हैं। जबलपुर, भोपाल और सागर में उनके ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली जा रही है। लोकायुक्त की शुरुआती जांच में अब तक 3 करोड़ 78 लाख 25 हजार 707 रुपए का व्यय सामने आया है, जबकि अधिकारी की कुल आय 1 करोड़ 3 लाख 73 हजार 317 रुपए पाई गई है।
लोकायुक्त के मुताबिक अधिकारी का कुल व्यय उनकी ज्ञात आय का 364.64% है। यानी आय से अधिक व्यय 264.64% पाया गया है। लोकायुक्त एसपी अंजूलता पटले को मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया ने शिकायत का सत्यापन किया। शुरुआती जांच में शिकायत सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से छापेमारी शुरू हुई।
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पत्नी और पिता के नाम पर भी करोड़ों की संपत्ति
छापेमारी में सामने आया है कि मनीष कुमार जैन ने भोपाल, जबलपुर और सागर में कई प्लॉट और मकान खरीदे हैं। इनमें उनकी पत्नी निधि जैन और पिता कोमलचंद जैन के नाम पर दर्ज करोड़ों रुपये की संपत्तियां भी शामिल हैं। लोकायुक्त की टीम इन संपत्तियों के दस्तावेजों के साथ उनकी खरीद में इस्तेमाल की गई रकम और आय के स्रोतों की जांच कर रही है।
अधिकारी के अलग-अलग शहरों में संपत्ति खरीदने की जानकारी सामने आने के बाद लोकायुक्त की जांच का दायरा भी इन संपत्तियों तक पहुंच गया है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अधिकारी और उनके परिवार के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों में कितनी रकम लगाई गई और उसका स्रोत क्या था।
जांच के दौरान संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों का मिलान अधिकारी की आय से किया जा रहा है। लोकायुक्त की टीम यह भी जांच रही है कि सामने आए मकान और प्लॉट कब खरीदे गए और उनकी खरीद में कितनी रकम खर्च हुई।
लोकायुक्त की कार्रवाई जारी
जबलपुर और सागर में लोकायुक्त की छापेमारी अभी जारी है। टीम संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
