जबलपुर में मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया है। आज शनिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक फ्लाईओवर का लोकार्पण करेंगे। यह फ्लाईओवर जबलपुर शहर को नए यातायात स्वरूप में महानगरीय पहचान देगा। व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। जबलपुर एक नए यातायात मॉडल के रूप में देश के अन्य शहरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा।आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से निर्मित यह संरचना न केवल जबलपुर बल्कि पूरे देश के लिए एक अद्वितीय और प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करती है।”
जानिए जबलपुर फ्लाईओवर की खासियत
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- जबलपुर में 1052 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित
- 6.855 किलोमीटर लंबा और समय की बचत
- मदनमहल से दमोह नाका तक रूट
- अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित, स्मार्ट लाइटिंग और सुरक्षा फीचर्स से युक्त
- पहले मदनमहल से दमोह नाका तक पहुँचने में 40 से 45 मिनट का समय लगता था, अब फ्लाईओवर शुरू होने के बाद यह दूरी मात्र 6 से 8 मिनट में तय की जा सकेगी।
- रेल मार्ग के ऊपर निर्मित 192 मीटर लंबा सिंगल स्पान केबल स्टे ब्रिज
- इस परियोजना में कुल 3 बो-स्ट्रिंग ब्रिज शामिल। दो पुल रानीताल क्षेत्र में और एक पुल बलदेवबाग क्षेत्र में बनाया गया है।
- ये सभी पुल पूरी तरह स्टील से निर्मित हैं और प्रत्येक की लंबाई लगभग 70 मीटर है।
- फ्लाईओवर के नीचे सार्वजनिक उपयोग के लिए बच्चों के पार्क, ओपन जिम तथा बास्केटबॉल कोर्ट बनाए गए।
- पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए फ्लाईओवर के नीचे 50 हजार पौधे का रोपण किया गया है।
