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एक प्रिंसिपल में अपनी सूझबूझ से साइबर ठगों के मंसूबों पर फेरा पानी, सावधान रहकर आप भी खुद को बचा सकते हैं

Written by:Atul Saxena
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हालांकि प्रिंसिपल ने शहपुरा थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी है और पुलिस उनकी जागरुकता की तारीफ करते हुए मामले की जांच कर रही है।
एक प्रिंसिपल में अपनी सूझबूझ से साइबर ठगों के मंसूबों पर फेरा पानी, सावधान रहकर आप भी खुद को बचा सकते हैं

Cyber ​​fraud

Jabalpur News : साइबर ठगी की वारदातों में लगातार तेजी आ रही है, साइबर ठग नई ट्रिक डिजिटल अरेस्ट के जरिये लोगों की गाढ़ी कमाई को पलभर में अपने कब्जे में करने लगे हैं व्यक्ति समझ नई नहीं पाता कि ये सब कैसे हो गया और जब उसे होश आता है तब तक उसका पैसा वो खुद ही ट्रांसफर कर चुका होता है, लेकिन जबलपुर के एक स्कूल के प्रिंसिपल ने बड़ी ही सूझबूझ से उनके साथ होने वाले फ्रॉड से खुद को बचा लिया

दरअसल जबलपुर के शहपुरा में स्थित सीएम राईज़ स्कूल के प्रिंसिपल बाल पाण्डेय को पाकिस्तान के एक नंबर से ये कहते हुए वॉट्सएप कॉल आया कि उनके बेटे को रेप केस में आरोपी पाया गया है,  पुलिस अधिकारी की डीपी लगाकर किए गए इस वॉट्सएप कॉल में प्रिंसिपल को ये कहते हुए धमकाया गया कि अगर वो अपने बेटे को जेल जाने से बचाना चाहते हैं तो बताए गए नंबर पर पैसे ट्रांसफर कर दें।

प्रिंसिपल ने इस तरह ठगों को दिया झांसा 

प्रिंसिपल को जब डिजिटल अरेस्ट का शक हुआ तो उन्होंने दूसरे फोन से अपनी पत्नी से अपने बेटे को कॉल लगवाया, कॉल करने पर जब बेटे के सकुशल होने की जानकारी मिल गई तो उनका शक यकीन में बदल गया, अपने बेटे की सलामती बताते ही साइबर ठगों ने प्रिंसिपल को लगाया वॉट्सएप कॉल काट दिया।

पुलिस कर रही प्रिंसिपल की प्रशंसा, मामले को जाँच में भी लिया  

हालांकि प्रिंसिपल ने शहपुरा थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी है और पुलिस उनकी जागरुकता की तारीफ करते हुए मामले की जांच कर रही है। आप भी इस तरह सूझबूझ दिखाते हुए होश में रहते हुए साइबर ठगों से बच सकते हैं।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट  

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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