कर्नाटक के कलबुर्गी जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां चित्तापुर स्थित डंडोती गांव में एक छात्रावास में रात का खाना खाने के बाद करीब 50 छात्र अचानक बीमार पड़ गए। जिसके बाद इन सभी छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
बता दें कि यह घटना मोरारजी देसाई आवासीय छात्रावास की है। जहां कक्षा 6 से 10 तक के छात्र रहते हैं। गुरुवार की रात को जब ये सभी छात्र खाने में चावल और सांभर खाकर सो जाए तब अचानक उनके पेट में दर्द शुरू हो गया और उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। जिसके बाद पूरे छात्रावास में हड़कंप मच गया। छात्रावास स्टाफ ने तुरंत एंबुलेंस को कॉल किया और छात्रों को अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी अनुसार, बीमार छात्रों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें 31 को चित्तापुर अस्पताल में भर्ती कराया गया और 10 को गुंडगुर्टी अस्पताल में, 5 को मालखेड अस्पताल में और बाकी को दंडोती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं कालाबुरागी के डीसी इकरामुल्ला शरीफ और डीएचओ शरणबसप्पा ने स्थिति का आकलन करने के लिए चित्तापुर अस्पताल का दौरा किया।
दूषित पानी या भोजन से छात्रों के बीमार होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में छात्रों के बीमार होने की वजह दूषित पानी या भोजन की गुणवत्ता में गड़बड़ी मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार, छात्रावास में छात्र एक टैंकर से उपलब्ध कराए गए पानी का उपयोग कर रहे थे। आशंका है कि दूषित पानी पीने या भोजन में किसी प्रकार की खराबी के कारण छात्रों की तबीयत बिगड़ी।
प्रशासन ने अधिकारियों को दिए निगरानी के निर्देश
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक छात्रावास पहुंच गए और अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। वहीं, प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सभी प्रभावित छात्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
घटना पर क्या बोले मंत्री प्रियांक खरगे?
इस पूरी घटना पर राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खरगे का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि चित्तापुर मोरारजी देसाई आवासीय छात्रावास में, चावल और सांभर खाने के बाद कुछ बच्चे बीमार पड़ गए। पहली नजर में, ऐसा लगता है कि चावल ठीक से नहीं पका था। हमने इसकी पूरी रिपोर्ट भेज दी है। छात्रों को कोई गंभीर खतरा नहीं है। कुछ लोग कल स्कूल गए थे और इलाज के दौरान बेवजह परेशानी खड़ी की। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। छात्रावास में खाना बनाने की जिम्मेदारी लेने वाले स्टाफ सदस्यों के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा।
Bengaluru | Karnataka Minister Priyank Kharge says, “In Chittapur MDRS, some children fell ill after having rice and sambar. Prima facie, it appears the rice was not cooked properly. We have sent a report. There was no serious danger to the students. Some people had gone to the… https://t.co/N9Om7E3GG8 pic.twitter.com/ecykfANJPL
— ANI (@ANI) July 10, 2026





