कर्नाटक सरकार ने जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला तथा अन्य प्रतिबंधित उत्पादों पर पूरे राज्य में एक साल के लिए रोक लगा दी है। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह प्रतिबंध अधिसूचना जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा।
सरकारी आदेश के मुताबिक, तंबाकू निकोटिन वाले गुटखा, पान मसाला और अन्य प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। यानी इन उत्पादों को बनाने या बेचने के साथ-साथ उन्हें गोदाम में रखने अथवा एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने पर भी कार्रवाई की जा सकती है। प्रतिबंध का दायरा उन उत्पादों तक भी है जिनमें तंबाकू या निकोटिन शामिल है और जिन्हें चबाने या सेवन के लिए तैयार किया जाता है। अधिकारियों की ओर से ऐसे उत्पादों की उपलब्धता और आपूर्ति की निगरानी की जा रही है।
तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला बैन
सरकार का यह कदम तंबाकू और निकोटिन वाले उत्पादों के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने की दिशा में उठाया गया है। गुटखा और तंबाकू युक्त पान मसाला का लंबे समय तक सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है। सरकार पहले भी तंबाकू उत्पादों की बिक्री और इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान लागू करती रही है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले के बाद अब राज्य में अगले एक साल तक तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला तथा संबंधित प्रतिबंधित उत्पादों की पूरी सप्लाई चेन पर निगरानी रहेगी।
अधिकारी करेंगे निरीक्षण और जांच
इस आदेश की एक अहम बात यह है कि तंबाकू और पान मसाला को अलग-अलग पैकेट में बेचकर बाद में मिलाकर सेवन करने की व्यवस्था भी प्रतिबंध के दायरे में लाई गई है। इसका उद्देश्य उन तरीकों पर रोक लगाना है जिनके जरिए निर्माता या विक्रेता प्रतिबंध के बावजूद तंबाकू युक्त उत्पाद उपलब्ध कराते हैं।
प्रतिबंध लागू होने के बाद कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं। दुकानों और अन्य स्थानों पर प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री तथा भंडारण की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।






