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कर्नाटक में ट्रेनिंग जेट खेत में हुआ क्रैश, ईंधन की कमी बनी वजह, दो लोग गंभीर रूप से घायल

Written by:Banshika Sharma
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कर्नाटक के विजयपुरा जिले में रविवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया। यहां रेड बर्ड एविएशन का एक ट्रेनिंग विमान खेत में क्रैश हो गया, जिसमें सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शुरुआती जांच में हादसे की वजह ईंधन की कमी बताई जा रही है।
कर्नाटक में ट्रेनिंग जेट खेत में हुआ क्रैश, ईंधन की कमी बनी वजह, दो लोग गंभीर रूप से घायल

कर्नाटक के विजयपुरा जिले में रविवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक निजी ट्रेनिंग विमान खेत में क्रैश हो गया। यह हादसा बालेश्वर तालुका के मैंगलौर गांव के पास हुआ। विमान में सवार दो लोग इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, यह विमान रेड बर्ड एविएशन (Redbird Aviation) का था, जो एक फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी है। बताया जा रहा है कि विमान ने कालबुर्गी के पास से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद विमान हवा में डगमगाने लगा। पायलट ने विमान को संभालने की काफी कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा और विमान मैंगलोर गांव के पास एक खेत में जाकर गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू किया।

ईंधन की कमी हो सकती है हादसे की वजह

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि विमान में ईंधन की कमी हो गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, अभी तक पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पूरी जांच के बाद ही हादसे के असल कारणों का पता चल पाएगा। रेड बर्ड एविएशन की तरफ से भी इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पायलट ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होता है यह जेट

दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान सेसना 172 टैंगो चार्ली प्राइवेट जेट था। रेडबर्ड एविएशन भारत की एक प्रमुख फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी है, जो पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए विश्व स्तरीय विमानों का उपयोग करती है। कंपनी बारामती, बेलगावी और सियोनी में अपने बेस से पायलटों को ट्रेनिंग देती है। बताया जाता है कि सेसना 172 एसपी जैसे विमानों में बेसिक ऑटोपायलट सिस्टम होता है, जिसका इस्तेमाल ट्रेनिंग के दौरान कई तरह के मैनूवर के लिए किया जाता है। फिलहाल, अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि क्या हादसे के पीछे कोई तकनीकी खराबी थी या यह पूरी तरह से मानवीय भूल का नतीजा है।