खदान में खुलेआम चल रहा काम, मिल प्रबंंधन ने कई लोगों की जान खतरे में डाली

खदान में खुलेआम चल रहा काम, मिल प्रबंंधन ने कई लोगों की जान खतरे में डाली

कटनी। वंदना तिवारी। एक तरफ पूरा देश कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन के चलते घरों में कैद हैं और संक्रमण से बचने के लिए हर तरह की सावधानी बरत रहा है, वहीं कटनी जिले के बरही क्षेत्र स्थित कुटेश्वर माइंस प्रबंधन किसी आदेश को नहीं मानता। कुटेश्वर माइन्स में इस लॉकडाउन के बावजूद खदान से पत्थरों को लाने से लेकर क्रेशर में मशीन चलाने तक के चल रहे हैं।

यहां पर ये काम ग्रामीणों से कराया जा रहा है और उनके लिये संक्रमण से बचने का भी कोई उपाय नहीं किया गया है। जाहिर है पत्थरों की कटाई कार्य में न सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना संभव है न ही इन्हें की मास्क या सेनेटाइज़र दिया गया होगा। और ताज्जुब ये कि इसे लेकर जिला प्रशासन ने भी चुप्पी ओढ़ी हुई है। इस प्रकार खदान प्रबंधन अपने कर्मचारियों के साथ उनके संपर्क में आने वाले भी जाने कितने लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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