खंडवा। सुशील विधानी। खंडवा पुलिस को सबसे बड़ी सफलता मिली है मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा ठग जाल साज 420 पुलिस गिरफ्त में आया है खंडवा में रहकर अन्य राज्यों में नियुक्तियां देना फर्जी आदेश निकालना यहां तक की सीबीआई का पुलिस अधीक्षक बंद कर लोगों को प्रशासनिक अधिकारियों को नेताओं को करता था गुमराह और इसने लगभग 200 से अधिक फर्जी नियुक्तियां आदेश निकाल चुका है पत्रकारों से चर्चा के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ शिव दयाल सिंह ने कहा कि सूचना प्राप्त होने पर हमने सुभाष नगर स्थित नगर थाना पुलिस द्वारा दबिश देकर आरोपी अनिरुद्ध मौतेंकर के घर दबिश दी जहां पर बहुत बड़ा खुलासा हुआ उसके पास से कई ऐसे दस्तावेज बरामद हुए जिससे यह पता चलता है कि आरोपी ने पूरे मध्यप्रदेश में किस प्रकार नेटवर्क बिछाकर लोगों को गुमराह बनाकर फर्जी नियुक्तियों के आदेश देता था फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर और अपने आप को वरिष्ठ नेताओं से खुद की मजबूती पकड़ होना बताता था 1 दर्जन से अधिक फर्जी सील जिसमें महाराष्ट्र से बनवाई और खंडवा से सिले बनाई है इसकी भी जांच की जा रही है कहां-कहां आदेश निकाले हैं इसकी भी जांच की जा रही है आरोपीअनिरुद्ध मौतेंकर पढ़ा लिखा इंजीनियर युवक है और अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर सुभाष नगर से पूरा नेटवर्क चलाता था आरोपी द्वारा फर्जी जिला न्यायाधीश बनकर बुरहानपुर के एक व्यक्ति की जेल से रिहाई के आदेश भी निकाले हैं खंडवा का भी ऐसा ही मामला है इसकी भी जांच की जा रही है आरोपी अपने आप को महाराष्ट्र सरकार का नेता प्रतिपक्ष बताता था इसके घर पर बड़े-बड़े नेताओं की फोटो लगी हुई है जिसके साथ खुद को और अपने आप को नेता का रिश्तेदार बताता था आरोपी से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उन आरोपियों की भी तलाश की जा रही है जिनके द्वारा यह मिलकर काम करता था यह आरोपी कभी कांग्रेस का नेता तो कभी बीजेपी का नेता तो कभी महाराष्ट्र का नेता तो कभी अधिकारी सीबीआई का वह भी पुलिस अधीक्षक बताता था आरोपी के पास से काफी चीजें बरामद हुई है वह घर से जन सुविधा केंद्र के नाम से कार्यालय संचालित करता था वह सीबीआई शाखा खंडवा के नाम से लोगों को मैसेज भेजता था कंप्यूटर लैपटॉप 1 दर्जन से अधिक सभी जप्त किए गए हैं उसकी भी जांच की जा रही है पुलिस रिमांड पर भी लिया जाएगा आरोपी को और कहां-कहां नियुक्तियां दी है उसकी भी जांच की जा रही है
डिस्ट्रिक जज बनकर कैदियों का निकालता था फर्जी आदेश, पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






