
Nag Panchami 2023 : साल में एक बार नाग पंचमी के अवसर पर खुलने वाले भगवान श्री नागेश्वर के पट माध्याह्नकाल 12:30 बजे शुभ मुहूर्त में खोले गए। जिसके बाद सर्वप्रथम ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी राव देवेन्द्र सिंह एवं खण्ड़वा पुलिस अधिक्षक सत्येन्द्र शुक्ल ने परिवार के साथ विधि-विधान से श्री नागेश्वर भगवान का पूजन अर्चन किया। पूजन अर्चन के बाद भगवान नागेश्वर के पट फिर बंद कर दिए गए। वहीं, आम दर्शनार्थियों के लिए गर्भ ग्रह में स्थित मंदिर के पट खोल दिए गए। जिसके मुख्य मंदिर का गेट चांदी का है।
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ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर मांधाता राजा राव पुष्पैन्द्र सिंह, जितेन्द्र सिंह मंदिर ट्रस्ट के सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन, व्यवस्थापक आशिष दीक्षित, तहसिलदार उदय मण्डलोई, थाना प्रभारी बलजित सिंह बिसेन, पुजारी डंकेश्वर दीक्षित, रामचन्द्र परसाई सहित नगर के गणमान्यजन
और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
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साल में 1 बार खुलता है पट
आज पूरे देशभर में नाग पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में ओंकारेश्वर के भगवान नागचंद्रेश्वर के मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की विशेष भक्ति है। बता दें कि साल में सिर्फ एक बार ही इस मंदिर के पट खुलते हैं, तभी श्रद्धालुओं को भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने का अवसर मिलता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन से कालसर्प दोष का निवारण होता है, जो किसी व्यक्ति के जन्मकुंडली में सर्प देवताओं की दशा या गोचर के कारण आता है।
क्यों करते हैं नाग देवता की पूजा
इस त्योहार को मनाने का मुख्य उद्देश्य नाग देवता की पूजा और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना होता है। इसे हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन लोग नाग देवता की पूजा, अर्चना, आरती और व्रत आदि करते हैं। विशेष रूप से वे नाग देवता के मूर्तियों के सामने दूध, दही, नीम के पत्ते, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य आदि चढ़ाते हैं। यह व्रत उन लोगों द्वारा भी किया जाता है जिनके कुंडली में कालसर्प दोष हो।
खंडवा से सुशील विधाणी की रिपोर्ट
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

