MP में हादसा: खेत में विस्फोट से 12 साल के बच्चे के चीथड़े उड़े, गंभीर हालत में पिता इंदौर रैफर

MP में हादसा: खेत में विस्फोट से 12 साल के बच्चे के चीथड़े उड़े, गंभीर हालत में पिता इंदौर रैफर

खरगाेन।
मध्य प्रदेश के खरगाेन जिले में खेत में बम फटने से एक 12 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि, पिता गंभीर रूप से घायल हो गए, उन्हें आनन-फानन में इंदौर रेफर किया गया। विस्फोट इतना तेज था कि बालक के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए।हादसे की सूचना मिलते एसडीओपी शैलेंद्र श्रीवास्तव एफएसएल की टीम के साथ पहुंचे। विस्फोट कैसे हुआ अभी तक इसका खुलासा नही हो पाया है। फिलहाल एक विशेष टीम मामले की जांच कर रही है।

घटना सोमवार सुबह करीब 10 बजे की है। हादसा बलवाड़ा स्थित सीआईएसएफ कैंप के नजदीक हुआ है।सुरेश (35) अपने बेटे मोहित (12) के साथ सुबह खेत पर गया था। कुछ देर बाद पास में काम करने वालों को धमाके की आवाज सुनाई दी। वे दौड़कर मौके पर पहुंचे तो मोहित के चीधड़े उड़ गए थे, उसके शरीर के अंग 1500 फीट के क्षेत्र में बिखर गए। जबकि सुरेश गंभीर हालत में पड़ा था। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घायल सुरेश और मोहित के शव को जिला अस्पताल भिजवाया।इसके बाद मोहित के क्षत-विक्षत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सुरेश की हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया।

जिस जगह पर ब्लास्ट हुआ, उससे करीब आधा किलोमीटर दूर सीआईएसएफ शूटिंग रेंज है।हादसा कैसे हुआ इसका अभी तक कारण पता नही चल पाया है।फिलहाल मामले की फोरेंसिक जांच की जा रही है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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