मंत्री ने अधिकारियों के साथ ली बैठक, तीसरी लहर की पूर्व तैयारियों की समीक्षा

मंत्री ने अधिकारियों के साथ ली बैठक, तीसरी लहर की पूर्व तैयारियों की समीक्षा

खरगोन, बाबूलाल सारंग। प्रदेश के पर्यावरण मंत्री व जिले के कोरोना प्रभारी हरदीप सिंह डंग ने बुधवार को स्वामी विवेकानंद सभागृह में जिले के नाक, कान, गला व शिशु रोग विशेषज्ञों के साथ आगामी कोरोना की तैयारियों को लेकर बैठक की। बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि अब आगे की तैयारियां करें, जिससे आने वाली लहर से हम अपने बच्चों का समय पर समुचित उपचार किया जा सके। इसलिए जरूरी है कि आप अपने स्तर पर बताएं कि शासन व प्रशासन ऐसी क्या व्यवस्था और सुविधाएं करे जो बच्चों को बचाने में सार्थक हो। इस बैठक का उद्देश्य एक मात्र है कि हम समय रहते पुख्ता तैयारियां कर सकें। इसके लिए आप बैठक में अवगत कराना चाहें या लिखित में सुझाव, दोनों तरह से लिए जा सकते हैं। आपके सुझावों पर स्थानीय स्तर पर या शासन स्तर से प्रयास किए जाएंगे। बैठक में पूर्व विधायक बाबूलाल महाजन, कलेक्टर अनुग्रहा पी व अपर कलेक्टर बीएस सोलंकी उपस्थित रहे।

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30 आईसीयू बेड और 70 ऑक्सीजन बेड की तैयारी

बैठक के दौरान सिविल सर्जन डॉ. दिव्येश वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी समय में बच्चों के उपचार के लिए फिलहाल 30 बेड का वार्ड उपलब्ध है। जबकि 10-10 बेड के आईसीयू और एचडीयू के लिए एनएचएम से बनाने की तैयारी की जा चुकी है। इसके अलावा 30 बेड के लिए आईसीयू और 70 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड तैयार किया जाएगा। इसमें 30 बेड का एसएनसीयू अलग है। सिविल सर्जन डॉ. वर्मा ने बताया कि 10 डॉक्टर शासकीय अस्पताल में तैनात है। साथ ही बच्चों की मेडिसिन अभी मिल रही है, मगर आगे समय के लिए तैयार रखना जरूरी है। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन के लिए पूर्व में स्वीकृति मिल जाने के बाद दल आकर निरीक्षण कर चुका है और स्थान चयन तथा आगामी रूपरेखा सीटी स्कैन मशीन के लिए तैयार की जा रही है। साथ ही सिविल सर्जन डॉ. वर्मा ने कहा कि आगामी समय को ध्यान में रखते हुए एक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की जरूरत रहेगी, जो विशेष रूप से बच्चो के लिए एक आईसीयू की तरह ही होती है ये काफी एडवांस हो।

स्टॉफ नर्स और डॉक्टर को ट्रेन किया जाएगा

स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चंद्रजीत सांवले ने कहा कि आगामी समय में तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए एमबीबीएस डॉक्टर और स्टॉफ नर्स को बच्चों के उपचार के लिए प्रशिक्षण जरूरी है। क्योंकि बच्चों का उपचार एक अलग विधा है इसलिए डॉक्टरों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से भी यह जरूरी है कि डॉक्टरों और नर्सेस को इंदौर मेडिकल कॉलेज से बच्चों के उपचार के लिए प्रशिक्षण अलग-अलग सत्र में आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।

प्राथमिक जांच के बाद ब्लैक फंगस उपचार इंदौर में होगा

बैठक के दौरान कुछ डॉक्टरों ने कहा कि अगर यहां मेडिसिन उपलब्ध हो जाती है तो ब्लैक फंगस का उपचार खरगोन में किया जा सकता है। डॉ. युवराज चौधरी, सेवानिवृत्त डॉ. डीडी गुप्ता ने अपनी सहमति दी। क्षेत्रीय सासंद गजेंद्र पटेल ने कहा कि अगर ऐसा संभव है तो यहां उपचार के लिए शासन से स्वीकृति लेने के प्रयास किए जाएंगे, मगर फिलहाल इंदौर ही रेफर करना होगा। सांसद पटेल ने कहा कि जिला अस्पताल में ब्लैक फंगस के उपचार में आवश्यक एंडोस्कोपी के लिए शासन से प्रशासन स्तर से तो प्रयास किए जा रहे हैं। वही वे भी पृथक से इसके लिए प्रयास करेंगे। सांसद ने सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान को निर्देश दिए कि ब्लेक फंगस के लक्षणों की जानकारी आम लोगों तक देने की जरूरत है, जिससे लोग लक्षणों के बारे में समझ सके। इसके लिए आवश्यक फ्लेक्स बेनर की तैयारी करें।

सर्जरी की नौबत नहीं आएगी, अगर समय पर उपचार हुआ तो

बैठक में मौजूद डॉ. चिन्मय न्यूरो सर्जन ने कहा कि तीसरी लहर में भी अगर समय पर बच्चों को उपचार या चिन्हित कर लिया जाता है, तो सर्जरी की नोबत नही आएगी। डॉ. अनुपम अत्रे ने बताया कि दूसरी लहर में भी वे ही बच्चे संक्रमित हुए, जिनके माता-पिता संक्रमित हुए है। इसका सबसे बड़ा एक कारण ये ही कि होम आइसोलेशन का समुचित तरीके से पालन नहीं हुआ है। बैठक में सांई समर्थ अस्पताल के अनिल रघुवंशी ने आयुष्मान कार्ड पर उपचार के लिए अस्पताल के लिए निर्धारित दर अधिक करने का आग्रह किया। कलेक्टर अनुग्रहा पी ने कहा कि राज्य शासन द्वारा दर निर्धारित है उसी अनुरूप बिलिंग भी स्वीकृत होगी।

सांसद निधि से खरीदी का दिया आर्डर

बैठक में सिविल सर्जन ड़ॉ. वर्मा ने बताया कि आगामी तैयारियों को देखते हुए सांसद द्वारा 25 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। उस राशि से 24 लाख 50 हजार रुपए की राशि की सामग्री के उपकरण खरीदी के ऑर्डर कर दिए गए है। इन सामग्रियों में 5 पीडियाट्रिक बॉयपेप मशीन राशि 6 लाख 16 हजार, 10 मल्टीपेरा मॉनीटर पेड़ी राशि 4 लाख 51 हजार 360, 5 वोलुमेट्रिक सिरिंज पंप 1 लाख 50 हजार 640 रूपए व 5 हाई फ्लो नोसल कैनुला 12 लाख 32 हजार रूपए में खरीदी गई। कुल राशि 24 लाख 50 हजार रूपए खर्च हुई।

इलाज की दरें निर्धारित की

बैठक में बताया गया कि कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए निजी चिकित्सालयों में दरें निर्धारित की गई है। इनमें सामान्य वार्ड में बेड चार्ज नॉन कोविड के लिए 400 व कोविड-19 के 40 प्रतिशत बढ़ाकर ली जाने वाली राशि 560 रूपए, ऑक्सीजन दर प्रति घंटा नॉन कोविड के लिए 50 रूपए प्रति घंटा व कोविड-19 के लिए 70 रूपए, प्रायवेट वार्ड (आईसोलेट) नॉन कोविड के लिए 1400 व कोविड के लिए 2 हजार, आईसीयु बेड चार्ज नॉन कोविड के लिए 2 हजार, कोविड के लिए 2800, चिकित्सक शुल्क एमबीबीएस कोविड के लिए 400 तथा डॉक्टर एमडी मेडिसीन चिकित्सक शुल्क नॉन कोविड के लिए 400 रूपए तथा कोविड-19 के 40 प्रतिशत बढ़ाकर ली जाने वाली राशि 700 रूपए निर्धारित की गई हैl

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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