ठंड आने के पहले ही होंठों के आस-पास की स्किन हो गयी है रूखी, ये घरेलू नुस्ख़े 48 घंटे में दिखाएंगे असर

क्या आपके होंठों के आस-पास की स्किन भी मेकअप के बाद खिंची-खिंची और बेजान दिखती है? हम लाए हैं रूखेपन के इलाज के लिए 4 ऐसे देसी उपाय और एक्सपर्ट के 5 सीक्रेट टिप्स।
Dry Skin

हर महिला अपने चेहरे की हर बारीकी को पर्फेक्ट बनाने की कोशिश करती है लेकिन कुछ समस्याएं ऐसी होती है जो पूरे लुक का मज़ा किरकिरा कर देती है। ऐसी ही एक समस्या है होंठों के पास की रूखी त्वचा, जो अक्सर फटी हुई, खिंची हुई और बेजान नज़र आती है। इस बात में कोई श़क नहीं है कि जब आप महँगी क्रीम या लिप बाम लगाती हैं, तो कुछ देर के लिए यह रूखापन दूर हो जाता है। लेकिन फिर जैसे ही आप मुँह खोलती है, हँसती है या बातें करती है तो फिर से त्वचा खिंची खिंची महसूस होने लगती है। ये समस्या न सिर्फ़ आपको अनकंफर्टेबल महसूस करवाती है, बल्कि आपके कॉन्फिडेंस को भी कम कर देती है।

लेकिन हमारा ऐसा मानना है कि जब आपकी इस समस्याओं को दूर करने के लिए किचन की कुछ चीज़ें काम आ सकती है, तो आपको ज़्यादा पैसे ख़र्च करने और महंगे महंगे सामानों को ख़रीदने की क्या ज़रूरत है। आपके घर की रसोई घर में ऐसी कुछ चीज़ें पाई जाती है जो इस समस्याओं को जड़ से ख़त्म कर सकती है। ये चीज़ें ना सिर्फ़ होंठों के आस पास के रूखेपन को दूर करेंगी बल्कि त्वचा को नैचुरली मुलायम बनाएंगी।

होंठों के आस-पास की स्किन हो गयी है रूखी (Dry Skin)

1. लार का बार-बार लगना

यह सबसे आम गलती है जो लोग अनजाने में करते हैं। तनाव या शुष्की महसूस होने पर हम बार-बार अपनी जीभ से होंठों और उनके आस-पास की त्वचा को चाटते हैं। लार में डाइजेस्टिव एंजाइम्स होते हैं। जब लार बाहर निकलती है, तो यह अपने साथ त्वचा की प्राकृतिक नमी को भी खींच लेती है। इसके अलावा, लार के एंजाइम्स होंठों के आस-पास की नाज़ुक त्वचा को नुकसान पहुँचाते हैं और रूखापन बढ़ा देते हैं, जिससे लालिमा और खुजली शुरू हो जाती है।

2. डिहाइड्रेशन और मौसम का बदलाव

शरीर में पानी की कमी होना त्वचा के लिए सबसे हानिकारक है। पर्याप्त पानी न पीना शरीर के बाकी अंगों की तरह ही त्वचा को भी प्रभावित करता है। इसके अलावा, ठंड के मौसम में शुष्क हवाएं और हीटर या ब्लोअर की गर्मी त्वचा से नमी को तेज़ी से खींच लेती हैं। इन कारणों से त्वचा अपनी इलास्टिसिटी खो देती है, जिससे वह खींची-खींची, बेजान और रूखी दिखने लगती है।

3. केमिकल और फ़्लोराइड का रिएक्शन

हम जिन उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, वे भी इस नाज़ुक हिस्से को नुकसान पहुंचाते हैं। कुछ लोगों को फ़्लोराइड युक्त टूथपेस्ट, सस्ते लिप बाम में मौजूद फ्रेगरेंस या एलर्जी वाले कॉस्मेटिक्स से रिएक्शन हो जाता है। यह रिएक्शन होंठों के आस-पास की त्वचा पर जलन, लालिमा और अत्यधिक रूखेपन के रूप में सामने आता है, जिसे पेरिओरल डर्मेटाइटिस कहा जाता है।

होंठों के आस-पास की रूखी स्किन का 4-स्टेप ‘गोल्डन’ इलाज

1. वर्जिन कोकोनट ऑयल

नारियल तेल भारतीय घरों में सदियों से त्वचा की देखभाल का एक अभिन्न अंग रहा है। इसमें लॉरिक एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो एक रोगाणुरोधी और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है। यह त्वचा की बाहरी परत को मज़बूत करता है। रात को सोने से पहले, वर्जिन कोकोनट ऑयल की कुछ बूँदें लें। इसे उंगलियों पर हल्का रगड़कर गरम करें और होंठों के आस-पास की रूखी स्किन पर हल्की मसाज करें। इसे पूरी रात लगा रहने दें। यह तेल एक बेहतरीन ऑक्लूसिव के रूप में काम करता है, जो त्वचा के अंदर की नमी को बाहर निकलने से रोकता है, जिससे रूखापन 24 घंटे दूर रहता है।

2. घी

घी केवल खाने के लिए ही नहीं, बल्कि त्वचा के लिए भी आयुर्वेद का एक अद्भुत वरदान है। घी नेचुरल फैटी एसिड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह त्वचा को गहराई तक पोषण देता है और कोशिकाओं की मरम्मत में मदद करता है। घी की थोड़ी सी मात्रा लें और इसे अपनी हथेलियों के बीच हल्का सा रगड़ें। अब इसे होंठों के आस-पास के हिस्से पर धीरे-धीरे मसाज करें। इसे भी रात को सोने से पहले इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है। नियमित रूप से दो-तीन दिन के भीतर ही रूखेपन का इलाज होना शुरू हो जाता है और त्वचा मुलायम हो जाती है।

3. ताज़ी मलाई

दूध की ताज़ी मलाई उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनकी रूखी स्किन संवेदनशील भी है। मलाई में लैक्टिक एसिड होता है, जो एक अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड का हल्का रूप है। यह मृत त्वचा कोशिकाओं को धीरे से हटाता है। दूध के नेचुरल फैट्स त्वचा को पोषण देते हैं। ताज़ी मलाई की थोड़ी मात्रा लें। इसे होंठों के आस-पास गोलाई में 5 से 7 मिनट तक मसाज करें। 10 मिनट बाद सादे पानी से धो लें। यह एक जेंटल एक्सफोलिएटर और मॉइस्चराइज़र दोनों का काम करती है, जिससे रूखी स्किन का परतदार होना कम होता है।

4. शहद और ग्लिसरीन का मिश्रण

यह एक ऐसा मिश्रण है जो तुरंत आराम देता है और नमी को त्वचा में बांधे रखता है। शहद एक प्राकृतिक हुमेक्टेंट है, यानी यह हवा से नमी खींचकर त्वचा में भरता है। ग्लिसरीन भी यही काम करती है, लेकिन यह लंबे समय तक नमी को बनाए रखती है। एक चम्मच शहद में आधा चम्मच ग्लिसरीन मिलाकर एक पेस्ट बनाएं। इसे रूखी त्वचा पर 15-20 मिनट लगाकर रखें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। यह सबसे तेज़ी से काम करने वाले देसी उपायों में से एक है, जो लालिमा और रूखेपन का इलाज करने में बेहद असरदार है।

ये 5 गलतियां सुधारें, तभी मिलेगा स्थायी छुटकारा

1. होंठों को बार-बार जीभ से चाटना

जैसा कि हमने पहले बताया, यह रूखेपन का सबसे बड़ा कारण है। जब भी आपको होंठ चाटने की इच्छा हो, तुरंत अपनी जेब से घी, नारियल तेल या कोई प्राकृतिक लिप बाम निकालकर लगा लें। इससे आपका ध्यान हट जाएगा और नमी बनी रहेगी।

2. गर्म पानी से चेहरा धोना

ठंड के मौसम में गर्म पानी से नहाना बहुत आरामदायक लगता है, लेकिन यह त्वचा के लिए हानिकारक है। चेहरे और होंठों के आस-पास की स्किन को धोने के लिए हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। गर्म पानी त्वचा के प्राकृतिक तेल को धो डालता है, जिससे रूखापन तुरंत बढ़ जाता है।

3. फ़्लोराइड वाले टूथपेस्ट का उपयोग

कुछ लोगों में टूथपेस्ट में मौजूद फ़्लोराइड या टारटर कंट्रोल एजेंट होंठों के आस-पास की रूखी स्किन पर एलर्जी पैदा करते हैं। अगर आपको लगता है कि आपकी समस्या टूथपेस्ट बदलने के बाद शुरू हुई है, तो फ़्लोराइड-मुक्त या सौम्य टूथपेस्ट पर स्विच करें। साथ ही, ब्रश करने के बाद अपने मुँह को अच्छी तरह धोएँ ताकि कोई अवशेष न रहे।

4. रात में स्किन बैरियर को अनदेखा करना

रात में हमारी त्वचा की मरम्मत होती है। अगर आप रात में नमी प्रदान नहीं करते, तो रूखापन बढ़ता जाता है। रात को सोने से पहले, चेहरा साफ करने के बाद, होंठों के आस-पास के हिस्से पर हमेशा घी या नारियल तेल लगाकर स्किन बैरियर को मज़बूत करें। यह आपकी त्वचा को पूरी रात पोषण देगा।

5. पानी कम पीना और धूप में निकलना

डिहाइड्रेशन और सूर्य की UV किरणें दोनों ही त्वचा को रूखा, बेजान और टैन करती हैं। रोज़ाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीकर अपने शरीर को भीतर से हाइड्रेट रखें। धूप में निकलने से 20 मिनट पहले उस रूखे हिस्से पर SPF युक्त बाम या सनस्क्रीन लगाएं, भले ही वह हिस्सा होंठों के आस-पास का हो।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews