आप नाश्ते में क्या खाते हैं: जानिए सुबह की पहली बाइट से जुड़ी परंपराएं, दुनिया के कुछ अनोखे ब्रेकफास्ट

हमारे खानपान की जड़ें हमारी परंपराओं और संस्कृति से गहराई से जुड़ी होती हैं। हर क्षेत्र हर परिवार की अपनी खासियत होती है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही होती है। ये व्यंजन न सिर्फ स्वाद की पहचान हैं बल्कि हमारी सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक मान्यताओं का भी प्रतिबिंब होते हैं। सुबह के नाश्ते की प्लेट भी इसी संस्कृति और परंपरा का पहला और महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
Global breakfast recipes

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सुबह का नाश्ता सिर्फ दिन की शुरुआत नहीं..बल्कि सेहत और ऊर्जा का टॉनिक है। ब्रेकफास्ट हमारे मेटाबोलिज़्म को सक्रिय करता है, ब्रेन को ऊर्जा देता है और पूरे दिन के लिए दिशा देता है। विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग नियमित और संतुलित ब्रेकफास्ट करते हैं उनकी एकाग्रता, मूड और शारीरिक क्षमता दूसरों से कहीं बेहतर होती है।

नाश्ते को लेकर सबकी अपनी चॉइस होती है। यह सिर्फ स्वाद का मामला नहीं बल्कि एक व्यक्ति की जीवनशैली, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। किसी के लिए सुबह की शुरुआत गरमागरम परांठों से होती है, कोई पोहा या इडली पसंद करता है तो कोई ग्रीन स्मूदी या ग्रेनोला से दिन की दौड़ शुरू करता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि दुनिया के अलग अलग हिस्सों में क्या नाश्ता किया जाता है। आज हम आपको दुनिया के कुछ कोनों में खाए जाने वाले ऐसे अनोखे मॉर्निंग ब्रेकफास्ट के बारे में बताएंगे, जो आपको हैरान कर देंगे।

1. जापान का नट्टो

फर्मेंटेड सोयाबीन से बना यह नाश्ता चिपचिपा और तीखी गंध वाला होता है। इसे चावल और सरसों के साथ खाया जाता है। इसका स्वाद उमामी और थोड़ा नमकीन होता है, लेकिन इसकी चिपचिपी बनावट और गंध हर किसी के लिए आसान नहीं। फिर भी, जापान में इसे प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स का पावरहाउस माना जाता है।

2. चीन का सेंचुरी एग

सेंचुरी एग के “पिदान” या “हज़ार साल का अंडा” भी कहते हैं। ये एक पारंपरिक चीनी व्यंजन है जिसे सुबह के नाश्ते में विभिन्न तरीकों से खाया जाता है। इसकी तीखी गंध, उमामी स्वाद और अनोखी बनावट (जेल जैसा सफेद हिस्सा और क्रीमी, गहरे हरे रंग की जर्दी) इसे खास बनाती है। सेंचुरी एग को सबसे आम तौर पर कॉन्जी यानी चावल के दलिए के साथ खाया जाता है। इसे हफ्तों या महीनों तक चूने, राख, नमक और चाय के घोल में रखा जाता है। इस प्रक्रिया से अंडे का सफेद भाग गाढ़े भूरे जैल जैसा बन जाता है और ज़र्दी गहरे हरे रंग की। हालांकि इसे “सड़ा हुआ अंडा” कहा जाता है, लेकिन वास्तव में यह खमीर या रासायनिक संरक्षित अंडा है।

3. इंडोनेशिया का टेम्पे

सोयाबीन को फर्मेंट कर बनाया गया यह व्यंजन सुबह के समय मसालेदार सांबर के साथ खाया जाता है। इसका अखरोट जैसा स्वाद और क्रंची टेक्सचर इसे अनोखा बनाता है। कुछ जगहों पर इसे फरमेंटेड पत्तियों में लपेटकर परोसा जाता है जो इसे और भी अलग बनाता है।

4. नॉर्वे का ब्रुनोस्ट

यह भूरे रंग का शाकाहारी चीज़ है जो गाय या बकरी के मट्ठे से बनता है। इस चीज़ को टोस्ट पर फैलाकर खाया जाता है। इसका मीठा-नमकीन, केरेमल जैसा स्वाद सुबह को एक अनोखा ट्विस्ट देता है। नॉर्वे के लोग इसे कॉफी के साथ पसंद करते हैं, लेकिन बाहरी लोगों को इसका स्वाद अजीब लग सकता है।

5. कोरिया का किमची जिगे

यह मसालेदार शाकाहारी स्टू, जिसमें फर्मेंटेड गोभी (किमची) और टोफू होता है, सुबह के समय चावल के साथ परोसा जाता है। ये एक ऐसा सूप जो इतना तीखा और गर्म होता है कि सुस्ती क्या पूरी नींद उड़ जाए। किमची जिगे दरअसल फरमेंटेड पत्तागोभी (किमची) से बना एक पारंपरिक स्टू है, जिसमें तीखी मिर्च, लहसुन, अदरक, टोफू और कभी-कभी मांस भी डाला जाता है। हालांकि शाकाहारी रूप में भी यह बहुत लोकप्रिय है..खासकर टोफू और वेजिटेबल स्टॉक के साथ

अलग, अनोखा या अजीब का मतलब बुरा नही होता है

हमारे लिए जो अलग या अजीब है, वो किसी और के लिए दिन की शुरुआत है। ये उनकी परंपरा और संस्कृति का हिस्सा होता है। इसलिए किसी भी अलग या हमारे लिए अजीब चीज़ को खराब नहीं ठहराया जाना चाहिए। ये लोगों की आदत की भी बात होती है। हमारे लिए जो चीज़ सामान्य है वो किसी और के लिए अजीब हो सकती है। इसलिए हर परंपरा, संस्कृति, मान्यता या आदत को साफ नज़र और खुले दिल से देखना चाहिए..जब तक कि वो किसी का अहित न कर रही हो या कोई रूढ़ि न हो। सांस्कृतिक विविधताओं को जिज्ञासा और सम्मान के साथ देखना बेहतर है क्योंकि इससे हमारे भीतर भी सोचने समझने की सही क्षमता विकसित होती है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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