
दुनिया का हर एक देश अलग अलग चीजों के लिए प्रसिद्ध है। कोई पर्यटकों के बीच टूरिस्ट स्पॉट्स को लेकर फेमस है, तो कुछ जगह ऐसी ऐतिहासिक चीज हैं, जो वैज्ञानिकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र है। किसी देश में राजनीतिक हलचल काफी ज्यादा है, तो कुछ देश स्वच्छता और शांति के लिए भी जाने जाते हैं। अमूमन हर देश में जीवन यापन करने के लिए नौकरी, खेतीबाड़ी, पशुपालन, इत्यादि करनी ही पड़ती है। आमतौर पर लोग फसल जैसे गेहूं, चना, मक्का, सब्जी, फल, आदि की खेती करते हैं, जिससे लोगों का पेट भरता है और लोग एनर्जेटिक होकर किसी भी काम में फोकस कर पाते हैं।
इन सब से हटकर आज हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां लोग घरों में गाय भैंस नहीं, बल्कि मगरमच्छ पालते हैं। जिसे बेचकर वह करोड़ों की कमाई करते हैं। इस व्यवसाय के जरिए यहां के किसान लखपति और अरबपति बन रहे हैं।
थाईलैंड
जी हां! आपको यह सुनकर काफी ज्यादा हैरानी होगी, लेकिन यह बात बिल्कुल सच है। दरअसल, इस देश का नाम थाईलैंड है, जो कि समुद्री तटों और अपनी आकर्षक बनावटी मंदिरों के कारण पूरी दुनिया भर में मशहूर है। यहां की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत है। सालों भर यहां पर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। इस खास उपलब्धि में यह भी शामिल हो चुका है कि यहां के लोग गाय, भैंस की तरह ही खूंखार मगरमच्छ पालते हैं, जो कि सुनने में काफी ज्यादा अजीब है लेकिन इस देश में यह काफी पुराना काम माना जाता है। यहां के किसान और व्यापारी मगरमच्छ की खाल, मांस और खून बेचकर मुनाफा कमाते हैं।
फार्म
थाईलैंड में मगरमच्छ सिर्फ झीलों या दलदली इलाकों में ही नहीं पाए जाते, बल्कि अब वे संगठित फार्मों का हिस्सा बन चुके हैं। कई पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आज एक बड़े उद्योग का रूप ले चुकी है। यही कारण है कि थाईलैंड आज दुनिया के उन चुनिंदा देशों में गिना जाता है, जहां मगरमच्छ पालन को कानूनी मान्यता मिली हुई है और इसे व्यवस्थित तरीके से चलाया जा रहा है।
देश में इस समय करीब 1 हजार से अधिक फार्म मौजूद हैं, जिनमें लगभग 12 लाख मगरमच्छ पाले जा रहे हैं। सरकार की ओर से बाकायदा नियम बनाए गए हैं और हर फार्म को लाइसेंस के तहत संचालित किया जाता है। इन फार्मों में प्रशिक्षित स्टाफ मगरमच्छों की देखभाल करता है। साथ ही खुराक, सफाई और स्वास्थ्य जांच तक का पूरा ध्यान रखा जाता है।
अंतरराष्ट्रीय मांग
थाईलैंड में पाले जाने वाले मगरमच्छ की डिमांड स्थानीय बाजारों के साथ-साथ दुनिया भर में हैं। इसका खाल और मांस भी निर्यात होते हैं। मगरमच्छ की खाल को प्रीमियम क्वालिटी का माना जाता है। इसी वजह से इसे हैंडबैग, बेल्ट, वॉलेट और अन्य लग्जरी फैशन प्रोडक्ट्स बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। ये प्रोडक्ट्स अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लाखों रुपये तक बिकते हैं। मगरमच्छ का मांस भी प्रोटीन से भरपूर होता है, जिस कारण यह हेल्दी फूड के तौर पर विदेशी बाजारों में निर्यात होता है। कुछ जगहों पर मगरमच्छ के खून को भी औषधीय गुणों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
अर्थव्यवस्था को मजबूती
मगरमच्छ पालन अब थाईलैंड की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुका है। हजारों लोग इस उद्योग से रोजगार पा रहे हैं। स्थानीय किसान अपनी जमीन और संसाधनों का उपयोग कर लाभ कमा रहे हैं। वहीं, बड़े व्यापारी इसे वैश्विक स्तर पर ले जाकर विदेशी मुद्रा कमा रहे हैं। निर्यात से होने वाली कमाई देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। बता दें कि ये फार्म आम लोगों और सैलानियों के लिए खोले जाते हैं।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

