
डबरा में धान लेकर बड़ी संख्या में किसान कृषि उपज मंडी पहुंच रहे हैं। दरअसल आवक बढ़ने के साथ ही मंडी के आसपास की सड़कों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ गया है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें दूर तक लगने से शहर के कई रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है। भितरवार रोड, चीनौर रोड और हरिपुर रोड पर जाम के हालात बने हुए हैं। इसका असर सिर्फ मंडी आने-जाने वाले किसानों पर ही नहीं बल्कि रोज इन सड़कों से गुजरने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है।
दरअसल कृषि उपज मंडी में धान की भारी आवक के चलते ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ दूसरे वाहनों की संख्या भी बढ़ गई है। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं लेकिन वाहनों की भीड़ के कारण मंडी के अंदर और बाहर दोनों जगह जाम की स्थिति बन रही है। मंडी परिसर में जगह-जगह वाहन फंसे रहते हैं। वहीं सड़क पर कतारें लगने से दूसरे वाहन चालकों को निकलने का रास्ता नहीं मिल पाता है।
आम नागरिकों को हो रही परेशानी
भितरवार रोड से चीनौर रोड और हरिपुर रोड तक जाम का असर दिखाई दे रहा है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कई वाहन चालक लंबे समय तक एक ही जगह फंसे रहते हैं। त्योहार के समय शहर में लोगों की आवाजाही बढ़ने के बीच इस तरह का जाम परेशानी और बढ़ा रहा है। आम नागरिकों, राहगीरों और मंडी से जुड़े लोगों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कत हो रही है।
प्रशासन की ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल
वहीं धान की आवक को देखते हुए मंडी प्रशासन और पुलिस के सामने यातायात संभालने की चुनौती पहले से थी। मंडी में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां आने की स्थिति में वाहनों की पार्किंग, प्रवेश और बाहर निकलने के रास्तों का इंतजाम जरूरी था। लेकिन मौजूदा हालात में मंडी के आसपास की सड़कों पर लंबी कतारें लग रही हैं। इससे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि मंडी में धान की आवक बढ़ने से पहले जाम से निपटने के लिए क्या योजना बनाई गई थी। अगर व्यवस्था की तैयारी की गई थी तो उसका असर सड़कों पर क्यों नहीं दिख रहा है? मंडी के अंदर भी वाहनों की भीड़ बनी हुई है और बाहर सड़क पर भी जाम लग रहा है। ऐसे में सिर्फ वाहनों की संख्या बढ़ने को वजह बताकर समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

